राजा भैया के इलाके में बार्डर पार की इस लव स्टोरी ने मचा दी है धूम
इलाहाबाद। बॉलीवुड की फिल्मी दुनिया में अक्सर दो देशों के प्रेमियों का इश्क पर्दे पर नजर आता है कि कैसे फिल्मी जिंदगी में नदी, पक्षी और हवा संग बहने वाले इश्क को सरहदे नहीं रोक पाती। कुछ ऐसी लव स्टोरी बांग्लादेश की अख्तरुल और प्रतापगढ़ के सुशील की है। इस समय सरहद पर बहुत तनाव है, गोलीबारी में जाने जा रही हैं, लेकिन इससे बेफिक्र मोहब्बत अपना रास्ता कैसे तय कर लेती है इसका एक जीता-जागता नमूना बनकर अख्तरुल और सुशील की प्रेम कहानी खूब चर्चा बटोर रही है।

जार्डन में हुई दोस्ती
बांग्लादेश की अख्तरुल और कुंडा प्रतापगढ के सुशील की मुलाकात जार्डन की एक गारमेंट कंपनी में काम के दौरान हुई थी। सुशील वहां सुपरवाइजर थे और अख्तरुल भी वहां काम करती थी। दोनों की नजरे मिलीं, इश्क हुआ और बात शादी तक आ गई। लेकिन, कुछ दिनों पहले सुशील इंडिया चला आया और फोन पर अब अख्तरुल से उसकी बात होती थी। उधर सुशील से दूर रही अख्तरुल ने इंडिया आकर शादी करने का फैसला किया और बिना सुशील को बताए वीजा के लिये आवेदन कर दिया। वीजा मिलते ही अख्तरुल इंडिया आई और कुंडा के सुजौली गांव पहुंच गई।
फिल्मी ही लव स्टोरी
बांग्लादेश की रहने वाली अख्तरुल ने पहले अपना देश छोड़ा और फिर हिंदुस्तानी सरजमीं पर अपने प्रेमी सुशील को प्रतापगढ़ में ढूंढ निकाला। खुद सुशील भी अख्तरुल को देखकर चौंक गया कि आखिर वह यहां कैसे पहुंची। अलग जाति धर्म और दूसरे देश की लड़की से शादी पर सुशील के परिवार से कोई भी राजी नहीं था, लेकिन लड़की की हिम्मत ने उसे आखिरकार प्रेमी से मिला दिया। दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली है और अब कानूनन पति-पत्नी बन गये हैं। हालांकि, प्रेमिका टूरिस्ट वीजा पर भारत आई है और सिर्फ 90 दिन ही यहां रह सकेगी। अब दोनों प्रेमी युगल कानूनी सलाह ले रहे हैं ताकि प्रेमिका को भारतीय नागरिकता मिल सके। हालांकि बांग्लादेश और पाकिस्तान के नागरिकों को भारत की नागरिकता दिये जाने के संबंध में बहुत कड़े प्रावधान हैं। ऐसे में प्रेमिका का यहां परमानेंट रह पाना भी मुश्किल होगा।
5 दिन में ढूंढ लिया इश्क का पता
अख्तरुल बांग्लादेश की रहने वाली हैं और 90 दिन के लिए टूरिस्ट वीजा पर हिंदुस्तान आई है। हालांकि जब वह बांग्लादेश से चली और इंडिया आई तो किसी को यह नहीं पता था कि अख्तरुल अपने इश्क का पता तलाशने आई हैं। 5 दिन पहले अख्तरुल भारत आई और एक दिन पहले वह लखनऊ पहुंची। लखनऊ से बामुश्किल उसने प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके में सुशील के गांव सुजौली का सफर तय किया। विदेशी लड़की के आने की खबर ने रात में ही गांव को गुलजार कर दिया और अख्तरुल को देखने पूरा गांव ही उमड़ पड़ा।
शादी की बनी मुश्किल से बात
अख्तरुल ने जब शादी का प्रस्ताव रखा तो परिजन इसके लिये राजी नहीं हुये। परेशान सुशील ने फिर बड़ा कदम उठाया और अख्तरुल को लेकर भाई की ससुराल अघिया पहुंच गया। दोनों यहां रुके तो उनके प्यार के किस्से पूरे कुंडा में मशहूर हो गए। विदेश से युवती के आने की जानकारी होने पर पुलिस भी पूछताछ के लिए पहुंची और 90 दिन का टूरिस्ट वीजा देखकर वापस लौट गई। हालांकि अख्तरुल के व्यवहार और उसकी हिम्मत देखकर सुशील के परिजन झुक गए और शादी के लिए राजी हो गए। जिसके बाद दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली है।












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