नहीं पहुंचा पैसा तो पहुंच गई आबकारी टीम, टॉयलेट तोड़कर खोजी शराब!

इलाहाबाद। यूपी के इलाहाबाद में आबकारी विभाग की टीम शराब की खोज शौचालयों में कर रही है। इसके लिए बकायदा शौचालयों के गेट तोड़े जा रहे हैं और उसके अंदर तलाश की जा रही है कि कहीं शराब तो नहीं रखी गई है। यह घटना कोई संयोगवश नहीं हुई है। बल्कि इलाहाबाद के थरवई इलाके में आबकारी विभाग की टीम की छापेमारी के दौरान हुई घटनाएं हैं। जिसकी जीती जागती तस्वीरें अब आबकारी विभाग की कार्रवाई पर ही सवाल उठा रही हैं। बहमलपुर गांव में दर्जनभर शौचालय के गेट आबकारी विभाग ने तोड़ दिए हैं। हालांकि शौचालय के गेट तोड़े जाने के दौरान ना सिर्फ ग्रामीणों ने विरोध किया था बल्कि ग्राम प्रधान ने भी आकर आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, लेकिन अवैध शराब पर अंकुश लगाने की धुन लिए आबकारी टीम प्रधानमंत्री की घर-घर शौचालय योजना को ध्वस्त करती नजर आई। फिलहाल सवाल इस बात का भी है कि शौचालय के तोड़े गए दरवाजों को आखिर अब कौन लगाएगा? क्या इन गांव में अब ग्रामीण फिर से शौचालय की पुरानी पद्धति अपनाकर खेतों में जाएंगे या आबकारी विभाग इसकी भरपाई करेगा? फिलहाल घटना को लेकर अब जिले के बड़े अधिकारी क्या करेंगे यह देखना दिलचस्प होगा।

क्या है मामला

क्या है मामला

इलाहाबाद के थरवई बहमलपुर गांव मे आबकारी विभाग ने कच्ची शराब बनाने वालों को पकड़ने के लिये अभियान चलाया और अबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर रमा शंकर सिंह ने गांव मे छापामारी की। आबकारी विभाग ने तालाब किनारे दर्जनों शराब की भट्टिठयां तोड़ और पांच कुंटल लेहन भी नष्ट किया। साथ ही तालाब में छिपाई लगभग पाचस लीटर कच्ची शराब भी बरामद की। लेकिन, इसी बीच आबकारी स्पेक्टर कृति सिंह की ने गांव मे नवनिर्मित शौचालयों के दरवाजे तोड़ने शुरू किए और शौचालय के अंदर शराब खोजी जाने लगी।

ग्रामीणों ने किया विरोध

ग्रामीणों ने किया विरोध

आश्चर्य की बात यह रही कि आबकारी विभाग की टीम कि इतने बड़े पैमाने पर छापेमारी हुई, लेकिन एक भी शराब बनाने वाला आदमी नहीं पकड़ा गया। जब लोगों के घरों के नवनिर्मित शौचालयों के गेट तोड़े जाने लगे तो ग्रामीण आबकारी के विरोध में उतर आए। हंगामे के साथ ग्राम प्रधान भी मौके पर पहुंची और आबकारी कि इस कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे, लेकिन आबकारी विभाग की टीम के साथ रही फोर्स ने ग्रामीणों के विरोध को दरकिनार कर लगभग एक दर्जन शौचालयों के गेट को तोड़ डाला। हालांकि यहां भी आबकारी विभाग को मिला कुछ नहीं और गांव में तांडव करने के बाद आबकारी की टीम वापस चली गई।

ग्रामीणों मे आक्रोश

ग्रामीणों मे आक्रोश

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के दूसरे छोर में कुछ लोग शराब बनाते हैं, लेकिन वह बकायदा आबकारी विभाग को इसके लिए पैसा पहुंचाते हैं। इस बार पैसा न पहुंचने पर ही छापेमारी की गई, लेकिन उसकी सूचना भी शराब बनाने वालों को अंदर ही अंदर दे गई थी, जिससे एक भी शराब बनाने वाले नहीं पकड़े गए और अपनी दहशत फैलाने के लिए आबकारी विभाग ने ग्रामीणों के शौचालयों को तोड़ डाला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब तक पैसा शराब बनाने वाले देते रहते हैं तब तक आबकारी गांव में छापेमारी करने की जहमत नहीं उठाती है और जब छापेमारी करती है तो उल्टा शराब न बनाने वाले लोगों को परेशान करती है।

क्या बोलीं ग्राम प्रधान

क्या बोलीं ग्राम प्रधान

बहमलपुर गांव में आबकारी के तांडव के दौरान पहुंची ग्राम प्रधान सरिता तिवारी ने पहले तो कड़ा एतराज जताया, लेकिन जब आबकारी विभाग की टीम नहीं मानी तो उन्होंने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार गांव-गांव में और घर घर में शौचालय की योजना को बढ़ावा दे रही है और यहां आबकारी विभाग अपना दबाव बनाने के लिए शौचालयों को तोड़ रही है। कितनी मेहनत और जतन से शौंचालय योजना यहां गांव में शुरू हो सकी थी जिसे कार्रवाई के नाम पर मटियामेट कर दिया गया ग्राम प्रधान ने बताया कि आबकारी पर कार्रवाही के लिए उच्च स्तर पर अधिकारियों से शिकायत करेंगी।

ये भी पढ़ें- गणित का सवाल गलत होने पर शिक्षक ने छात्र के मुंह में डाल दिया डंडा, ICU में भर्ती

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+