छात्रा का गला रेत आराम से साइकिल में बैठकर निकल गया आशिक, प्यार में नाकामी से था खफा

इलाहाबाद। यूपी में बेटियां सुरक्षित नहीं है और इंसानी दरिंदों का कहर लगातार जारी है। ताजा मामला संगम नगरी यानी इलाहाबाद का है, यहां स्कूल से घर लौट रही 11वीं की छात्रा का उसी के साथ पढ़ने वाले एक छात्र ने गला काट दिया। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आश्चर्य की बात यह है कि वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारा साइकिल से ही भाग निकला, लेकिन ना उसका कोई पीछा करने वाला था और ना ही हत्यारे को किसी का कोई खौफ था। घटना इलाहाबाद के मेजा इलाके में टोंस नदी के किनारे उस वक्त हुई जब छात्रा स्कूल से लौटकर नदी पार करने वाली थी। इससे पहले कि वह नाव पर सवार होती साइकिल से आए हत्यारे ने बेटी का गला काट दिया।

क्या है घटनाक्रम

क्या है घटनाक्रम

इलाहाबाद के करछना हथसरा गांव के रहने वाले बहादुर लाल पटेल की बेटी प्रेमा उम्र 16, मेजा रोड स्थित बद्री नाथ तिवारी इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा थी। बुधवार को अपने परिवार के अमरेश पटेल के साथ वह स्कूल गई थी। अमरेश भी प्रेमा के साथ 11वीं का छात्र था। स्कूल में छुट्टी होने के बाद वह पैदल घर लौटने लगी। बंधवा गांव को पार करने के बाद वह टोंस नदी की ओर बढ़ रही थी, क्योंकि नदी को नाव से पार करने के बाद ही घर आना जाना होता था। आगे का रास्ता वीरान हो गया था, अमरेश अब प्रेमा से थोड़ा आगे चलने लगा और धीमे चलने की वजह से प्रेमा कुछ पीछे हो गई।

नाव देखकर दौड़ा अमरेश

नाव देखकर दौड़ा अमरेश

नदी में नाव लगी थी और छूटने ही वाली थी। यह देखकर अमरेश दौड़ा और नव में चढ़ गया, लेकिन कुछ लिहाज बस प्रेमा नहीं दौड़ी और धीरे-धीरे ही आगे बढ़ रही थी। इसी बीच बंधवा गांव का रहने वाला शोहदा और अपराधी अजय पटेल साइकिल से पहुंचा, इससे पहले कि प्रेमा कुछ समझ पाती अजय ने चाकू से उस पर हमला कर दिया। हमला सीधे प्रेमा के गले पर हुआ था और तड़पती हुई प्रेमा जमीन पर लुढ़क गई। आवाज सुनकर जब अमरेश दौड़ा तो अजय कत्ल कर साइकिल से भागने लगा। गुहार लगाने पर नाविक व स्कूल के अन्य साथी दौड़े, लेकिन मदद मिलने से पहले प्रेमा की सांसे थम गई।

वीराने में असुरक्षित बेटियां

वीराने में असुरक्षित बेटियां

यूपी में योगी सरकार के आने के बाद सबसे पहला दावा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किया गया था, लेकिन आज भी वीराने में बेटियां सुरक्षित नहीं है। उनकी आबरू, उनकी इज्जत और उनकी जान पर इंसानी वहशी - दरिंदों की गिद्ध जैसी नजर लगी हुई है। मेजा के टोंस नदी के किनारे हुई छात्रा की हत्या के मामले में भी विराने का ही रोना है। मेजा के इस इलाके में प्रतिदिन सैकड़ों छात्र छात्राएं इसी वीरान इलाके से झाड़ियों के बीच से गुजरते हैं। नाव से नदी को पार करते हैं और उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम आज तक नहीं किए जा सके है। इस इलाके में हमेशा से अपराधी प्रवृत्ति के लोग घूमा करते हैं और अजय पटेल भी उन्हीं में से एक था।

करता था पीछा

करता था पीछा

चोरी के मामले में जेल की सजा काट चुका अजय काफी दिनों से प्रेमा के पीछे पड़ा हुआ था। वह स्कूल आते-जाते हुए प्रेमा का पीछा करता था। इसी कारण से प्रेमा अपने परिवार के अमरेश के साथ ही स्कूल आती जाती थी, लेकिन टोंस नदी के घाट तक रास्ता पगडंडी और झाड़ियों से होकर गुजरता है। इसी कारण यहां पर आसानी के साथ अजय ने वारदात को अंजाम दिया और झाड़ियों से होता हुआ साइकिल से भाग निकला। कातिल अजय के बारे में जानकारी देते हुए एसपी यमुनापार ने बताया कि चोरी के मामले में अजय 9 माह की सजा काट कर आया है और अब हत्या के बाद फरार है।

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