Mulayam Singh Yadav की अस्थियां हरिद्वार में विसर्जित करेंगे अखिलेश यादव, शिवपाल भी रहेंगे मौजूद
Samajwadi Party के संरक्षक Mulayam Singh Yadav का दस अक्टूबर को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद उनके बेटे और सपा के राष्ट्रीय अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) अपने पिता की अस्थियां लेकर सोमवार को हरिद्वार के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनके चाचा शिवपाल यादव, चचेरे भाई धमेंद्र यादव, डिंपल यादव के अलावा परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। पूरे देश में समाजवाद का नारा बुंलद करने वाले मुलायम सिंह बीमारी से जिंदगी की जंग हार गए और 82 वर्ष की अवस्था में आज दुनिया को अलविदा कह दिया था।
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मुलायम सिंह यादव को पिछड़ी जाति का रहनुमा माना जाता था। कुश्ती के दंगल से निकलकर सैफई से दिल्ली तक का सफर उन्होंने कई परेशानियों के बाद तय किया। दौरान उन्होंने यूपी में एक नई तरह की राजनीति को जन्म दिया था, वो तीन बार उत्तर प्रदेश के सीएम बने। 'धरती पुत्र' के नाम से लोकप्रिय मुलायम सिंह ने अपने बूते समाजवाद के नारे के साथ एक अलग पहचान बनाई थी।
सैफई जिला इटावा में 22 नवंबर 1939 को एक किसान परिवार में जन्मे मुलायम एक दिन देश के रक्षा मंत्री बन जाएंगे, ये उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था। आगरा विश्वविद्यालय से एमए, बीटी की डिग्री लेने वाले मुलायम ने राजनीति में आने से पहले जैन इंटर कालेज करहल मैनपुरी में प्रवक्ता के तौर पर भी काम किया था।

आपको बता दें कि साधना गुप्ता उनकी दूसरी पत्नी थीं, जिनसे उनको एक बेटा प्रतीक यादव हैं, जिनकी पत्नी अपर्णा बिष्ट हैं। मुलायम की पहली पत्नी का नाम मालती देवी था, जिनसे उनकी शादी साल 1957 में हुई थीं लेकिन उनका साल 2003 में निधन हो गया था। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव उन्हीं के बेटे हैं।
मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह ने साल 2003 में ही अपने से बीस साल छोटी साधना गुप्ता को अधिकारिक पत्नी का दर्जा दिया था । साधना गुप्ता शादी से पहले सपा कार्यकर्ता के रूप में काम करती थीं। हालांकि शादी के बाद वो सक्रिय राजनीति का हिस्सा कभी नहीं रहीं लेकिन वो बहुत सारे सोशल इवेंट में एक्टिव रहती थीं।












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