'BJP बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर फिर से विचार करे', पहलवानों के विरोध पर अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि महिला पहलवानों को न्याय दिलाना बीजेपी की जिम्मेदारी है। उन्हें अपना नारा दोबारा याद करना चाहिए। अखिलेश ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है।

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)ने शनिवार को बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने भारतीय पहलवान महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ पहलवानों के विरोध को लेकर कहा कि महिला पहलवानों को न्याय दिलाना बीजेपी की जिम्मेदारी है।

दरअसल, सीतापुर के नैमिषारण्य में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 'लोक जागरण यात्रा' में अखिलेश यादव पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बीजेपी पर हमला किया। अखिलेश ने कहा कि बीजेपी को अपने नारे 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' पर फिर से विचार करना चाहिए। जब महिला पहलवान न्याय की मांग कर रही हैं, तो यह उनकी (बीजेपी) जिम्मेदारी है कि उन्हें न्याय मिले।

Akhilesh Yadav

इनता ही नहीं, कानपुर देहात में एक दारोगा और एसएचओ द्वारा 50 किलो चांदी चुराने के मामले में भी अखिलेश ने बीजेपी पर तंज कसा। कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को खत्म होते किसी ने नहीं देखा। इन दिनों 'चोर पुलिस' सभी अखबारों और न्यूज चैनेलों की सुर्खियों में छाए हुए हैं। सपा के कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमें किए हैं। जनता इस बार बीजेपी का सफाया करेगी। इनका अहंकार तोड़ेंगे।

केंद्र ने 15 जून तक का समय मांगा है

आपको बता दें कि बीती 7 जून को पहलवान साक्षी मलिक ने बताया था कि केंद्र ने जांच पूरी करने के लिए 15 जून तक का समय मांगा है। लेकिन, पहलवानों का विरोध अभी खत्म नहीं हुआ है। मलिक का यह बयान उनके और उनके साथी पहलवानों के केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से मुलाकात के बाद आया है। उन्होंने कहा कि हमें 15 जून तक पुलिस द्वारा अपनी जांच पूरी करने तक अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित करने के लिए कहा गया है।

बृजभूषण पर यौन उत्पीड़न के आरोप, गिरफ्तारी की मांग

ओलंपिक पदक विजेता बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक और एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता विनेश फोगट सहित देश के शीर्ष पहलवान डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। बृजभूषण के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें से एक को एक नाबालिग लड़की ने वापस ले लिया था।

लड़की ने 10 मई को बृज भूषण के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत नई दिल्ली में एक मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि डब्ल्यूएफआई प्रमुख ने उसे जबरन अपनी ओर खींचा और उसका यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद वह पूरी तरह से परेशान हो गई और धीरे-धीरे उसने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत की।

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