अखिलेश का ऐलान, 2019 में नहीं होगा कांग्रेस के साथ गठबंधन, अब सपा को मजबूत करने का समय
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आखिरकार अगले वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया है, उन्होंने गत विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के गठबंधन के खराब प्रदर्शन का हवाला देते हुए अगले साल लोकसभा चुनाव में फिर से गंठबंधन में चुनाव लड़ने से इनकार किया है। मंगलवार को पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है और हम समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के लिए यह चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर गठबंधन बरकरार होता तो कांग्रेस ने हमारे साथ मिलकर निकाय चुनाव लड़ा होता। उन्होंने कहा कि गठबंधन में 2017 का चुनाव लड़ा गया, जिसके चलते भाजपा ने समाजवादी पार्टी से सत्ता छीन ली।

राहुल के साथ अच्छे हैं संबंध
हालांकि अखिलेश यादव ने यह बात साफ की है की है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से उनकी दोस्ती बरकरार रहेगी, लेकिन अब समय आ गया है कि समाजवादी पार्टी को फिर से मजबूत किया जाए। राहुल गांधी के साथ हमारे संबंध अच्छे हैं लेकिन निश्चित तौर पर आगामी चुनाव में हम गठबंधन नहीं करने जा रहे। आपको बता दें कि 2009 में समाजवादी पार्टी ने 21 लोकसभा सीटें जीती थीं, जिसके बाद अखिलेश यादव 2012 में मुख्यमंत्री बने। लेकिन 2014 में सपा सिर्फ 5 लोकसभा सीटें ही जीत सकी।

दुर्गति हुई थी 2017 में
समाजवादी पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था और इस चुनाव में सपा के खाते में सिर्फ 47 सीटें आई, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 7 सीटों पर जीत मिला। वहीं 403 विधानसभा सीटों में से भाजपा के खाते में 325 सीटें आई और योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में पार्टी ने सरकार बनाई। इस चुनाव में जिस तरह से सपा की दुर्गति हुई उसे देखते हुए अखिलेश यादव ने कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने का फैसला लिया है।

कांग्रेस बोली सिर से बोझ उतरा
वहीं कांग्रेस भी उत्तर प्रदेश में उसके शर्मनाक प्रदर्शन का ठीकरा सपा पर फोड़ रही है, हालांकि पार्टी के किसी भी प्रवक्ता ने मीडिया के सामने आकर यह बात नहीं कही है। लेकिन जिस तरह से अखिलेश यादव ने अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म करने की बात कही है, उसपर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का कहना है कि यह अच्छी बात होने जा रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि हम वापस पटरी पर आ रहे हैं और इस गठबंधन के खत्म होने से हमारे उपर का बोझ भी खत्म हो गया है। अब हम और भी विश्वास के साथ राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव ने इस बात के संकेत दिए थे कि वह लोकसभा चुनाव के लिए जल्दी ही उम्मीदवारों का चयन शुरू कर देंगे।
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