T-20 में भारत की हार पर नारे लगाने वाले छात्रों को जमानत, HC ने कहा- हमारी एकता नारों से नहीं टूटने वाली
नई दिल्ली, 1 अप्रैल: पिछले साल अक्टूबर में टी-20 विश्व कप में भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान 3 कश्मीरी छात्रों ने देश विरोधी नारेबाजी की थी। जिस पर उनको गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी छात्रों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया। बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तीनों छात्रों को जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि भारत की एकता इतनी कमजोर नहीं कि नारों से टूट जाए।

दरअसल पाकिस्तान की जीत के बाद 26 अक्टूबर को कुछ छात्रों ने नारेबाजी की थी। जिसके बाद यूपी पुलिस ने र्शीद यूसुफ, इनायत अल्ताफ शेख और शौकत अहमद गनई को गिरफ्तार किया। ये सभी आरोपी पिछले 5 महीने से आगरा जेल में बंद हैं। सभी पीएम स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम (पीएमएसएसएस) के तहत आगरा के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ रहे थे। इसके बाद उन्होंने जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अजय भनोट ने कहा कि भारत की एकता ईख से नहीं बनी है, जो खाली नारों की बहती हवाओं के आगे झुक जाएगी। हमारे राष्ट्र की नींव अधिक स्थायी है। देश का हर नागरिक इस एकता की रखवाली करता है। साथ ही वो भारत की एकता और राष्ट्र के संवैधानिक मूल्यों का प्रहरी है। इसके बाद कोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत को मंजूर कर दिया।
जिला कोर्ट ने वकीलों ने लिया था ये फैसला
आपको बता दें कि आगरा के आरबीएस कॉलेज के बिचपुरी कैम्पस में ये घटना हुई थी। कश्मीरी छात्रों ने पाकिस्तान के समर्थन में स्टेट्स भी लगाया था। बाद में वार्डेन दुष्यंत कुमार ने तीनों को निलंबित कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई। फिर आगरा के वकीलों ने एक बैठक बुलाई और उनका केस लड़ने से इनकार कर दिया था। हालांकि बाद में ये फैसला वापस ले लिया गया था।












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