चुनाव जीतने के बाद अब ओम प्रकाश राजभर को साधने में क्यों जुटी बीजेपी, क्या डरा रहे पूर्वांचल के आंकड़े

लखनऊ, 23 मार्च: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव तो बीत गया लेकिन यहां समीकरण तेजी से बनते दिखायी दे रहे हैं। नए समीकरणों के बीच अब ओम प्रकाश राजभर की बीजेपी से करीबी चर्चा का विषय बनी हुई है लेकिन समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को इस बात का अहसास है कि ओम प्रकाश राजभर उन्हें छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे। लेकिन चुनाव के नतीजों के बाद इस बदलती सियासत ने आम चुनाव 2024 से पहले बदलते समीकरण के संकेत जरूर दे दिए हैं। दरअसल बीजपी को भी इस बात का एहसास है कि ओम प्रकाश राजभर का साथ आना बहुत जरूरी है।

राजभर ने पूर्वांचल में बीजेपी को काफी डेंट पहुंचाया

राजभर ने पूर्वांचल में बीजेपी को काफी डेंट पहुंचाया

यूपी में हाल ही में सम्पन्न हुए चुनाव में ओम प्रकाश राजभर ने बीजेपी को काफी नुकसान पहुंचाया है और खासतौर से पूर्वांचल में। पूर्वांचल के आंकडों पर गौर करें तो लगभग आधा दर्जन जिलों में बीजेपी की स्थिति काफी कमजोर हुई है। खासतौर से राजभरों का वोट बीजेपी को नहीं मिलने से गाजीपुर, मऊ, जौनपुर, बलिया, आजमगढ़ समेत दर्जनभर जिलों में बीजेपी को करीब 25 से 30 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। अब बीजेपी ने चुनाव में जीत के बाद भी 2024 में मोदी को पीएम बनाने के लिए राजभर को साधने की कवायद शुरू कर दी है।

मिशन 2024 के लिए राजभर और जयंत बीजेपी के लिए जरूरी

मिशन 2024 के लिए राजभर और जयंत बीजेपी के लिए जरूरी

नई अटकलों के बीच एक बीजेपी नेता ने बताया कि आम चुनाव में यदि परिणाम सकारात्मक पाना है और यूपी की 80 सीटों में से 75 से अधिक सीटें जीतनी है तो पश्चिम में जयंत चौधरी और पूर्वांचल में ओम प्रकाश राजभर का साथ बहुत जरूरी है और उम्मीद है कि शीर्ष नेतृत्व इस दिशा में काम कर रहा है। आने वाले समय में ये दोनों नेता बीजेपी के साथ दिखायी दे सकते हैं। पूर्वांचल के समीकरण को लेकर इस नेता ने कहा कि निश्चिततौर पर पूर्वांचल के उन जिलों में बीजेपी की स्थिति बेहद नाजुक है जहां राजभरों की संख्या ज्यादा है। बीजेपी को उम्मीद थी कि राजभर एक साथ ओम प्रकाश के साथ नहीं जाएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

ओम प्रकाश राजभर की वापसी की अटकलें हुईं तेज

ओम प्रकाश राजभर की वापसी की अटकलें हुईं तेज

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मिली पराजय के बाद, ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन में वापसी की अटकलें एक बार फिर से शुरू हो गई हैं। राज्य के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली एसबीएसपी ने 2017 का चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था। ओम प्रकाश राजभर ने 2019 तक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री के रूप में भी काम किया था, इससे पहले कि उन्हें 'गठबंधन विरोधी गतिविधियों' के लिए बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद एसबीएसपी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में उत्तर प्रदेश में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा।

बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था पिछला विधानसभा चुनाव

बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था पिछला विधानसभा चुनाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के बाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर लौटने की संभावना है। राज्य के पूर्व मंत्री ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली एसबीएसपी ने 2017 का चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ा था। ओम प्रकाश राजभर ने 2019 तक योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली कैबिनेट में मंत्री के रूप में भी काम किया, जब उन्हें 'गठबंधन विरोधी गतिविधियों' के लिए बर्खास्त कर दिया गया था।

पूर्वांचल में नए समीकरण बनाने की कवायद

पूर्वांचल में नए समीकरण बनाने की कवायद

इसके बाद एसबीएसपी ने समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में उत्तर प्रदेश में 2022 का विधानसभा चुनाव लड़ा। अब चुनाव में भाजपा के बहुमत से जीतकर उत्तर प्रदेश में सत्ता में लौटने के बाद कहा जा रहा है कि एसबीएसपी की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में वापसी की संभावना है। उन्हें मंत्री पद भी मिल सकता है। ओम प्रकाश राजभर ने कथित तौर पर भाजपा नेताओं अमित शाह से लगभग एक घंटे तक मुलाकात की। एसबीएसपी फिर से भाजपा के गठबंधन में शामिल होगी या नहीं, इस पर अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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