BJP के नए बॉस भूपेंद्र चौधरी के सामने बदलाव की चुनौती, कई दिग्गज मंत्रियों की होगी संगठन से छुट्टी
लखनऊ, 27 अगस्त: उत्तर प्रदेश में बीजेपी के नए अध्यक्ष और संगठन मंत्री की ताजपोशी के बाद अब यूपी बीजेपी में ओवरहालिंग यानी बदलाव का समय आ गया है। अगले कुछ दिनों के भीतर संगठन का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिलेगा और सरकार में मंत्री के साथ संगठन में भी अहम पद लिए कई नामी चेहरों का पत्ता साफ होगा और कई नई चेहरे दिखाई देंगे। सूत्रों की माने तो बीजेपी के नए चीफ भूपेंद्र चौधरी सोमवार को लखनऊ आएंगे और अपना कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद संगठन में बदलाव का दौर शुरू होगा।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्य, क्षेत्रीय, जिला, संभाग और बूथ स्तर पर राज्य के नेताओं के एक नए बैच के कार्यभार संभालने के साथ संगठनात्मक कमान में सुधार होने की उम्मीद है। राज्य नेतृत्व में 18 उपाध्यक्ष और नौ महासचिव शामिल हैं।
पार्टी के एक पदाधिकारी ने बताया कि इसी तरह, क्षेत्रीय समितियों में छह अध्यक्ष और इतनी ही संख्या में महासचिव होते हैं। इनके अलावा, विभिन्न फ्रंटल संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों में भी फेरबदल हो सकता है। हालांकि, संगठनात्मक परिवर्तन करने के लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि नए बीजेपी चीफ भूपेंद्र सिंह चौधरी को अपनी टीम का चयन करने के लिए समय ले सकते हैं।
यूपी बीजेपी के कुछ प्रमुख नेता जो संगठन से बाहर होंगे, उनमें शहरी विकास ऊर्जा और अतिरिक्त ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा शामिल हैं। गुजरात कैडर के पूर्व नौकरशाह और पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी माने जाने वाले शर्मा राज्य इकाई के उपाध्यक्ष भी हैं। मऊ जिले के रहने वाले शर्मा को 2021 में भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद विधान परिषद में भेज दिया गया था। बाद में उन्हें यूपी भाजपा में उपाध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया था।
यही हाल सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर का है। राठौर अभी संगठन में महासचिव भी हैं। 2017 से यूपी बीजेपी की चुनाव प्रबंधन टीम में प्रमुख पदाधिकारी हैं। बीएचयू से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर राठौर विधान परिषद में नामित किए गए थे। उन्हें योगी आदित्यनाथ कैबिनेट में पहली बार मंत्री बनाया गया था। उनका कार्यकाल जुलाई तक है।
इसी तरह, राज्य के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह संगठन में उपाध्यक्ष के पद पर काबिज हैं। सिंह यूपी बीजेपी ओबीसी सेल के प्रभारी भी हैं। इसके अलावा पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन अधिकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), नरेंद्र कश्यप भी ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष हैं। उनकी जगह अन्य पिछड़े वर्ग के नेता को समायोजित किया जाएगा।
सूत्रों ने कहा कि इसके अलावा भूपेंद्र सिंह चौधरी क्षेत्रीय और जिला समिति में भी बदलाव कर सकते हैं। यूपी बीजेपी के नए बॉस हालांकि ज्यादातर जिलाध्यक्षों और प्रभारी के साथ काम करने का विकल्प चुन सकते हैं, जिनमें से कई लोगों की अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छी पकड़ है।












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