प्रयागराज के बाद काशी में कैबिनेट की बैठक कर बड़ा सियासी संदेश दे सकती है BJP, जानिए पूरा गेम प्लान

लखनऊ, 03 दिसंबर: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रयागराज के तट पर चल रहे कुंभ मेले में 29 जनवरी, 2019 को मंत्रिमंडल की बैठक की थी। ऐसा पहली बार हुआ था जब कुंभ क्षेत्र में राज्य सरकार की कैबिनेट की बैठक हुई थी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रयागराज में हुई कैबिनेट बैठक में एक बड़ा फैसला किया है। योगी कैबिनेट ने 600 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे बनाने के फैसले पर मुहर लगाई गई थी। कुछ वैसा ही माहौल काशी में देखने को मिल सकता है। शासन में बैठे सूत्रों की माने तो आने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के शुभारंभ की तिथि के आसपास ही योगी की कैबिनेट काशी में हो सकती है और वहां भी कई अहम फैसलों पर मुहर लग सकती है।

काशी में बैठक कर पूर्वांचल में सियासी संदेश देने की कवायद

काशी में बैठक कर पूर्वांचल में सियासी संदेश देने की कवायद

पूर्वांचल में अखिलेश यादव और ओम प्रकाश राजभर के गठबंधन के बाद पूरे पूरे पूर्वांचल में बीजेपी की हालत काफी पतली नजर आ रही है। पीएम मोदी खुद कई बार पूर्वांचल का दौरा पिछले एक महीने में कर चुके हैं और आने वाले दिनों में उनके कई और कार्यक्रम गोरखपुर और प्रयागराज में होने हैं। इससे पहले अब योगी और मोदी सरकार मिलकर काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के कार्यक्रम को देश का सबसे बड़ा सांस्कृतिक अनुष्ठान बनाने जा रही है। इसके लिए शुभ मुहुर्त निकलवाया गया था जो 13 दिसंबर को निकला था। अब मोदी की कोशिश काशी के बहाने पूरे पूर्वांचल को साधने की है।

 कैबिनेट की बैठक को लेकर शासन के भीतर देखी जा रही हलचल

कैबिनेट की बैठक को लेकर शासन के भीतर देखी जा रही हलचल

शासन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी तिथि तय नहीं हुई है लेकिन शासन के भीतर ऐसी हलचल देखी जा रही है। इसको लेकर तैयारियां भी अंदरखाने चल रही हैं। काशी में कैबिनेट हुई तो वहां कई फैसले भी लिए जा सकते हैं। अब उन फैसलों का खाका खींचने में सरकार जुटी हुई है। कैबिनेट होने के नाते पूरा मंत्रिमंडल काशी में रहेगा और दो दिन सरकार वहीं से चलेगी। साथ ही बीजेपी शासित मुख्यमंत्रियों की बैठक भी है जिसकी तैयारियों में सरकार जुटी हुई है

 प्रयागराज की कैबिनेट में लिया गया था गंगा एक्सप्रेस वे का फैसला

प्रयागराज की कैबिनेट में लिया गया था गंगा एक्सप्रेस वे का फैसला

तब सीएम योगी ने बताया था कि मेरठ, अमरोहा, बुलंदशहर, बदायूं, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, कन्नौज, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे प्रयागराज तक जाएगा। इसको बनाने में यूपी सरकार तकरीबन 36 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस एक्सप्रेस वे की बिडिंग हो गई है और इसका अस्सी फीसदी काम अडाणी ग्रुप को मिला है। इस एक्सप्रेस वे को पांच भागों में बांटा गया है जिसमें चार चरण अडानी के पास हैं।

 योगी समेत पूरी कैबिनेट ने देखी थी उरी द सर्जिकल स्ट्राइक

योगी समेत पूरी कैबिनेट ने देखी थी उरी द सर्जिकल स्ट्राइक

उरी फिल्म को किया ट्रैक्स फ्री इसके अलावा सीएम योगी ने ऐलान किया कि, किसानों की आय को दोगुना करने के लिए भी किसान मंडी में प्रतिनिधित्व को लेकर कुछ अहम फैसले लिए गए हैं। इसके आलाव उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के ऊपर बनी फिल्म 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' को राज्य कर से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही महर्षि भारद्वाज की नगरी के आश्रम का भी सौंदर्यीकरण किया जाएगा। निषादराज की नगरी श्रृंगवेरपुर को भी विकसित किया जाएगा।

 प्रयागराज से मेरठ तक बनेगा गंगा एक्सप्रेस वे

प्रयागराज से मेरठ तक बनेगा गंगा एक्सप्रेस वे

मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा। यह 36 हजार करोड़ रुपए की लागत से बनाया जाएगा। ये एक्सप्रेस-वे पूरी तरह से गंगा के किनारे बनाया का निर्णय किया गया था। 36,000 करोड़ की लागत से बनेगा दुनिया का सबसे लंबा गंगा एक्सप्रेसवे कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सीएम योगी ने ऐलान किया कि, उनकी सरकार ने अब प्रयागराज को पश्चिमी यूपी से जोड़ने के लिए एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया है। यह गंगा एक्सप्रेस वे 600 किलोमीटर लंबा होगा।

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