Abbas Ansari News: जिस कानून के तहत जाएगी मुख्तार अंसारी के बेटे की विधायकी, जानें उसके बारे में सबकुछ
Abbas Ansari News: सुभासपा विधायक और बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) को हेट स्पीच मामले में दो साल की सजा सुनाई गई है। अब्बास अंसारी की विधानसभा सदस्यता भी सजा के ऐलान के बाद रद्द कर दी गई है। हेट स्पीच मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने दोषी करार दिया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102 (1) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, अगर किसी जनप्रतिनिधि को दो साल या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता स्वत: ही रद्द हो जाती है। जानें इस कानून से जुड़े सभी पहलू।
Abbas Ansari को मिली 2 साल की सजा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के दौरान अब्बास अंसारी और उनके भाई पर एक चुनावी रैली के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था। इस मामले में मऊ के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। मऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश डॉ. के.पी. सिंह ने अंसारी को हेट स्पीच का दोषी करार दिया है और दो साल की सजा सुनाई है। सह-आरोपी मंसूर अंसारी को साजिश रचने का दोषी मानते हुए कोर्ट ने 6 महीने की सजा दी गई है। साथ ही, अब्बास के भाई उमर अंसारी को बरी कर दिया है।

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Abbas Ansari की इस कानून के तहत जाएगी सदस्यता
अब्बास अंसारी की सदस्यता जाना तय माना जा रहा है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 102 (1) और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुसार, अगर किसी जनप्रतिनिधि (विधायक या सांसद) को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा कोर्ट की ओर से सुनाई जाती है, तो उसकी सदस्यता स्वतः रद्द मानी जाती है। इसी कानून के तहत साल 2023 में राहुल गांधी की सदस्यता भी रद्द हुई थी। मानहानि के आपराधिक मामले में उन्हें निचली अदालत ने दो साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, ऊपरी अदालत से राहुल को राहत मिली थी और उनकी सदस्यता फिर से बहाल कर दी गई। अब्बास अंसारी के पास भी अब ऊपरी अदालत में आदेश को चुनौती देने का विकल्प है।
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