'नौकरी दो या 10000 रुपये बेरोज़गारी भत्ता', वाराणसी में AAP का शक्ति प्रदर्शन, संजय सिंह ने भरी हुंकार
Sanjay Singh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में रोजगार और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 16 जनवरी को मिर्जापुर की ऐतिहासिक धरती से शुरू हुई "रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो" पदयात्रा का गुरुवार को वाराणसी (काशी) में भव्य समापन हुआ। सात दिनों तक पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और गांवों से गुजरते हुए यह यात्रा जब सारनाथ पहुंची, तो वहां का नजारा किसी बड़े जनआंदोलन जैसा था। युवाओं, किसानों, बुनकरों और महिलाओं की भारी भागीदारी ने इस पदयात्रा को एक नई मजबूती दी है।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह के नेतृत्व में निकली इस यात्रा ने न केवल सरकार की नीतियों को चुनौती दी है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले यूपी के युवाओं के बीच 'बेरोजगारी भत्ता' और 'सामाजिक न्याय' जैसे मुद्दों को एक नई धार दे दी है। वाराणसी के शास्त्री घाट पर आयोजित विशाल जनसभा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 'AAP' अब उत्तर प्रदेश में नफरत की राजनीति के बजाय बुनियादी सवालों पर आर-पार की लड़ाई लड़ने के मूड में है।

सारनाथ से शास्त्री घाट तक, पदयात्रा का भव्य स्वागत
पदयात्रा के अंतिम दिन की शुरुआत दोपहर 12 बजे बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ से हुई।
- फूलों की वर्षा: यात्रा मार्ग पर स्थानीय लोगों ने छतों और सड़कों से फूल बरसाकर स्वागत किया।
- युवाओं का आक्रोश: युवाओं के हाथों में "रोजगार मेरा हक है" और "पेपर लीक बंद करो" जैसे नारों वाले पोस्टर दिखे।
- जनसभा का आयोजन: सारनाथ मंदिर में दर्शन के बाद यह यात्रा लाल बहादुर शास्त्री घाट, सिकरौल पहुंची, जहां एक जनसभा को संबोधित किया गया।
फरवरी में चौथे चरण का आगाज, थमेगा नहीं आंदोलन
संजय सिंह ने जनसभा में जोश भरते हुए ऐलान किया कि यह पदयात्रा कोई अंत नहीं बल्कि एक बड़ी शुरुआत है। उन्होंने संकेत दिया कि फरवरी 2026 के अंत में इस पदयात्रा का चौथा और सबसे विशाल चरण शुरू किया जा सकता है। पार्टी का लक्ष्य अब इस आंदोलन को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाना है ताकि सरकार को युवाओं के मुद्दों पर जवाबदेह बनाया जा सके।
नौकरी दो या ₹10,000 बेरोजगारी भत्ता दो
यूपी सरकार पर हमलावर होते हुए संजय सिंह ने निवेश के दावों और हकीकत के अंतर पर सवाल उठाए:
भत्ते की मांग: उन्होंने कहा कि यदि सरकार नौकरी देने में सक्षम नहीं है, तो 18 साल से ऊपर के हर युवा को 10,000 रुपये मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।
निवेश पर सवाल: बड़े-बड़े सम्मेलनों और निवेश के दावों के बावजूद युवाओं का पलायन न रुकने पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की।
मुद्दों की राजनीति बनाम नफरत की राजनीति
संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि देश में आज शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय जैसे जरूरी मुद्दों को हाशिए पर धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा, "नफरत फैलाकर जनता का ध्यान असली सवालों से भटकाया जा रहा है। भारत तभी महान बनेगा जब वह सारनाथ द्वारा दिखाए गए शांति और भाईचारे के रास्ते पर चलेगा और युवाओं के हाथों में काम होगा।"
सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकार
पदयात्रा के दौरान सामाजिक न्याय को केंद्र में रखा गया। संजय सिंह ने कहा कि संविधान का सही पालन ही दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उनका हक दिला सकता है। आज कई वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं, और आम आदमी पार्टी इन वर्गों की आवाज को सड़क से लेकर संसद तक उठाने का संकल्प ले चुकी है।












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