आगरा: मामी के इलाज के लिए 11 बच्चों की कथित बलि देने जा रहे तांत्रिक को लोगों ने कूटा
आगरा। उत्तर प्रदेश में आगरा के कागारौल क्षेत्र स्थित एक गांव में नरबलि की सूचना पर जमकर बवाल हुआ। अंधविश्वास के चलते 11 स्कूली बच्चों की कथित बलि चढ़ाने जा रहे तांत्रिक को ग्रामीणों ने पकड़ कर दौड़ा-दौड़कर पीटा। बताया जा रहा है कि तांत्रिक अपनी मामी की तबियत ठीक करने को ये सब कर रहा था। हलांकि मौके से नरबलि देने का मामला सामने नहीं आया है, सिर्फ बकरे की बलि की बात सामने आई है।

प्राइवेट स्कूल की बच्चियों को बुला लिया
नरबलि की अफवाह के बाद ग्रामीणों ने आरोपियों को घेर लिया। पुलिस ने अफवाह फैलाने वाले टीचर और तांत्रिक को गिरफ्तार लिया है। मामला थाना कागारौल क्षेत्र के दौरेठा गांव का है। दौरेठा गांव निवासी प्रमोद बघेल की पत्नी की तबियत खराब थी। रिश्ते के भांजे ने उनके ऊपर भूत प्रेत का चक्कर बता पूजा और बकरे की बलि देने को कहा। बलि से पहले पास के एक प्राइवेट स्कूल से बच्चियों को बुलाया गया और कन्या पूजन कराया गया। बकरे की बलि दे रहे तांत्रिक को देख बच्चे डर गए और मामला स्कूल के टीचर को पता चल गया।

नरबलि की फैली अफवाह, हिरासत में टीचर
इसके बाद टीचर ने पूरे गांव में नरबलि देने की अफवाह फैला दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने तंत्र क्रिया कर रहे तांत्रिक और अफवाह फैलाने वाले टीचर को हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रमोद ने बच्चों को जबर्दस्ती स्कूल से अपने बेटा और बेटी के द्वारा घर बुलवा लिया। सबको दावत खिला कर बच्चों की बलि चढ़ाने की तैयारी करने लगा। इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधक की भी मिली भगत है। जब प्रमोद के बच्चे स्कूल से बच्चों को बुलाने गए थे तब संचालक ने किसी भी बच्चे को उन लड़के-लड़कियों के साथ जाने से क्यों नही रोका था?

तांत्रिक भी पुलिस के हवाले
पुलिस अब तांत्रिक और टीचर से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है। थाना पुलिस ने आरोपियों का 151 में चालान कर दिया है। आरोपी तांत्रिक ने कहा कि मामी की तबियत खराब थी इसलिए मातारानी की पूजा के लिए बच्चों को बुलाया था।












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