सीने में दर्द के बावजूद पुलिसवाले को नहीं मिली छुट्टी, हार्टअटैक से मौत

यूपी के शाहजहांपुर में एक कांस्टेबल की दिल का दौरा पड़ने से ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है। कांस्टेबल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा था।

शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर में एक कांस्टेबल की दिल का दौरा पड़ने से ड्यूटी के दौरान मौत हो गई है। कांस्टेबल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा था। इलाज के लिए कांस्टेबल ने ईद से दो दिन पहले छूटटी मांगी थी लेकिन एसओ ने छुट्टी देने से इंकार कर दिया। आज फिर सिपाही के सीने मे दर्द हुआ जब सिपाही छुट्टी लेने एसओ के पास गया तो एसओ ने नैशनल हाईवे पर लगे जाम को खुलवाने की बात कही। कांस्टेबल जाम खुलवा ही रहा था इस दौरान उसको दिल का दौरा पड़ने के बाद मौत हो गई। अगर एसओ सहाब पहले ही छुट्टी दे देते या आज जाम खुलवाने से पहले छुट्टी दे देते तो हो सकता था कि कांस्टेबल जिंदा होता।

ईद के नाम पर नहीं दी छुट्टी

ईद के नाम पर नहीं दी छुट्टी

दरअसल कटरा थाने मे तैनात कांस्टेबल नसीम राज का आज ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। नसीम रजा मुरादाबाद के रहने वाले है उनके दो बेटे और एक बेटी है। नसीम रजा पिछले दो साल से कटरा थाने मे तैनात थे। जानकारी के मुताबिक नसीम रजा पिछले कई दिनो से बिमार चल रहे थे। इलाज कराने के लिए कांस्टेबल ने एसओ प्रवेश यादव को कई बार प्रार्थना पत्र देकर छुट्टी की गुहार लगाई थी। बताया जा रहा है कि नसीम रजा को ईद से दो दिन पहले सीने मे तेज दर्द उठा था। बिमार सिपाही अपने परिवार के बीच रहकर इलाज कराना चाहता था। ईद से दो दिन पहले हुए दर्द के बाद सिपाही ने एसओ को छुट्टी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन ईद का बहाना बनाकर एसओ ने छुट्टी देने से इंकार कर दिया। उसके बाद सिपाही बिमारी की हालत मे ड्यूटी करता रहा।

एसओ ने कहा जाओ पहले जाम खुलवाओ

एसओ ने कहा जाओ पहले जाम खुलवाओ

कांस्टेबल नसीम रजा की ड्यूटी कांवड़ यात्रा को लेकर खैरपुर चौराहे पर लगी थी। इसी बीच उनके सीने मे दर्द होना शुरू हुआ तो वह सीधे थाने आए और एसओ को इलाज कराने के लिए छुट्टी का प्रार्थना पत्र दिया लेकिन आज भी एसओ ने छुट्टी देने से पहले कहा कि पहले नैशनल हाईवे पर जाम खुलवा कर आओ उसके बाद देखते है। सिपाही फिर बिमारी की हालत मे जाम खुलावने गया। उसके बाद उसको दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मार्केट मे दुकानदारों के मुताबिक नसीम रजा बेहद ईमानदार छवी के थे। साथ ही उनका सभी से अच्छा व्यवहार था। वो कभी किसी से काम के बदले रिश्वत नही लेते थे। यही वजह है कि उनकी मौत से आज पूरे मार्केट मे शोक की लहर दौड़ गई।

आखिरी समय में परिवार से भी नहीं मिल पाया

आखिरी समय में परिवार से भी नहीं मिल पाया

सूत्रों की माने तो एसओ अगर ईद से पहले सिपाही को छुट्टी दे देते, या फिर आज जब उसके सीने मे दर्द होने के बाद वह थाने पर छुट्टी लेने आए थे अगर तभी उसको छुट्टी दे दी जाती तो हो सकता है कि नसीम रजा जिंदा होते। नसीम रजा अपने परिवार के बीच रहे कर इलाज कराना चाहते थे लेकिन वह इस दौरान पने परिवार से मिल भी नही सके। थाने मे कुछ ऐसे सिपाही ने जो नसीम रजा कि मौत का जिम्मेदार एसओ सहाब को मान रहे हैं। मौत की खबर लगते ही मौके पर थाना अध्यक्ष प्रवेश सिंह जिला क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार यादव, एसडीएम मोइन उल इस्लाम, तहसीलदार तिलहर अब्बुल कलाम, कोतवाल मनोज कुमार, सहित पुलिस कांस्टेबल के मरने पर अस्पताल पहुंचे। सीओ ने बताया कि एंबुलेंस के द्वारा पुलिस कांस्टेबल नसीम रजा के शव को शाहजहांपुर पुलिस लाइन ले जाया गया। कांस्टेबल नसीम रज़ा के परिवार व परिजनों को सूचना दे दी गई है।

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