गुमशुदा पिता से मिलाने ले गया मां को..पर ऐसा होगा सोचा ना था
कपूरथला के अमरीश गुमशुदा पिता को लेने मां के साथ कानपुर आए थे लेकिन रास्ते में हुए हादसों ने उनसे माता-पिता को छीन लिया।
मथुरा। कपूरथला के अमरीश सिंह गुमशुदा पिता के बारे में पता चलने पर उनको लेने मां के साथ कानपुर आए थे लेकिन ऐसे दर्दनाक हादसे हुए जिसमें वो माता-पिता दोनों को खो बैठे। मां की मौत कानपुर के बस स्टैंड पर हो गई जबकि कपूरथला लौटते समय मथुरा के यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में वो अपने पिता को खो बैठे। इस हादसे में अमरीश सिंह बुरी तरह घायल हो गए। एक्सप्रेस वे पर तीन घंटे तक वो मां-बाप की लाश के साथ बैठे रहे लेकिन उनको कोई मदद नहीं मिली।

3 घंटे अपने माँ बाप के शव को लेकर बैठा रहा बेबस
यमुना एक्सप्रेस वे पर आए दिन कोई न कोई हादसा देखने को मिलता है। कानपुर से पंजाब जा रही एंबुलेंस में अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी जिसमें अमरीश के पिता की मौत हो गई। एंबुलेंस में अमरीश की मृत मां भी थी। घटना सुबह करीब 5:00 बजे की है जिसके बाद 3 घंटे तक भी घायलों को इलाज न मिल सका। घायल अमरीश अपने मृत माता-पिता की डेड बॉडी के साथ ही यमुना एक्सप्रेस पर पड़ा रहा लेकिन उसकी कोई सुनने वाला नहीं था। पीड़ित अमरीश का कहना है कि वह अपनी मां की बॉडी लेकर कानपुर से पंजाब जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आते वाहन ने उनकी एंबुलेंस में टक्कर मार दी जिससे एंबुलेंस पर बैठे उसके पिता की मौके पर ही मौत हो गई।

चार साल पहले गायब हुए पिता
अमरीश ने बताया कि चार साल पहले उसके पिता घर से गायब हुए थे। उनके पिता के जेब में मिली पर्ची को पढ़कर कानपुर अस्पताल कर्मियों ने उनको खबर दी तो चार साल बाद उनको पिता के बारे में पता चला। वो पिता को लेने मां के साथ कानपुर आए लेकिन बस स्टैंड पर हार्ट अटैक से मां की मौत हो गई। इसके बाद वे बीमार पिता और मृत मां को एंबुलेंस में लेकर कपूरथला लौट रहे थे कि हादसे में पिता को खो बैठे।
देखिए यह दर्दनाक वीडियो
यमुना एक्सप्रेस वे पर सुविधाओं के नाम पर यात्रियों से मोटा टोल टैक्स वसूला जाता है लेकिन उन्हें कोई सुविधा यहां नहीं दी जाती। यह कोई पहला मामला नहीं है जहां यमुना एक्सप्रेस वे और पुलिस की लापरवाही देखने को मिली हो इससे पहले भी कई मामलों में पीड़ितों को तड़पते देखा गया है।












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