यूपी चुनाव लड़ रहा है एक 'भूत', कर रहा अनोखे तरीके से प्रचार
संतोष मूरत सिंह दस्तावेजों के अनुसार मृत हैं। यह पहली बार है चुनाव आयोग में दाखिल उनका पर्चा खारिज नहीं हुआ। इस बार तो आयोग ने सुरक्षा के लिये उन्हें एक गनर भी दिया है।


कौन हैं ये भूत प्रत्याशी
ये प्रत्याशी संतोष मूरत सिंह हैं। ये सरकारी दस्तावेजों में मर चुके हैं और अब ये अपने जीवित होने के प्रमाण पत्र के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। हलांकि चुनाव आयोग ने इन्हें जीवित माना है और इन्हें शिवपुर विधानसभा से लड़ने के लिए चुनाव चिन्ह के साथ सरकारी गनर भी दिया है।

कैसे कर रहे हैं प्रचार
संतोष को जब से चुनाव चिन्ह मिला है संतोष ने तभी से प्रचार करना शुरू कर दिया है। संतोष कागजों में मृत घोषित हो चुके थे इसलिये उसने चुनाव प्रचार का अनोखा तरीका अपनाया। संतोष ने भूत के कंकाल वाले काले रंग के कपडे़ पहन कर जनता के बीच में जाना उचित समझा। जिसे पहन कर वो जनता के बीच में जा रहे हैं। यहीं नहीं संतोष उनके बीच जाकर वोट भी अनोखे तरीके से मांग रहे हैं। संतोष जनता से कहते हैं कि अभी मैं जिंदा हूं।
क्यों लड़ रहे हैं संतोष चुनाव
बहरहाल अब संतोष बहुत खुश हैं क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ है कि उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किया है और उनका पर्चा खारिज नही हुआ। अब सरकारी तंत्रों को उसके चुनाव जीतने के बाद जवाब देना पड़ेगा कि आखिर एक जीवित इंसान को मृत कैसे और क्यों साबित किया गया?

क्या कहते हैं संतोष
संतोष बताते हैं कि वे 2012 से ही अपने आप को जीवित साबित करने का प्रयास कर रहे थे। लेकिन वाराणसी के चुनाव अधिकारीयों ने उनकी एक नहीं सुनी। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते काटते उसके अंदर अब कुछ नहीं बचा है। इसलिए अब वह कंकाल के भेष में वोट मांग रहे हैं। और खुद को जिताने की लोगो से अपील कर रहा है।












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