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खाने के लिए भटक रहा 75 साल का बुजुर्ग, बेटा उधार लिए 5 हजार भी उसे नहीं दे रहा

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बरेली। मां-बाप जहां अपने बच्चों के लिए ताउम्र फिक्र रखते हैं, जन्म देते हैं, पाल-पोसकर बड़ा बनाते हैं; वहीं कुछ संतानें उन्हें इस कदर भटकने को मजबूर कर देती हैं कि राह चलते लोग भी उन बुजुर्गों पर तरस खाते हैं।

कुछ जगहों पर बुजुर्ग मां-बाप वृद्धाश्रम का भी फायदा नहीं ले पाते। ऐसे में न उनकी संतानों का दिल पिघलता है और न पुलिस उनकी सुन पाती है। बेटे द्वारा बाप को नजरअंदाज करने की ताजा घटना सामने आई है बरेली के एसएसपी दफ्तर से।

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यहां 75 साल का एक बुजुर्ग खाना-पानी के लिए लड़खड़ाती आवाज में एसएसपी से गुहार लगाता है कि उसका बेटा न उधार लिए 5 हजार रुपए दे रहा है और न ही उसका ख्याल रख रहा है। बरेली एसपी ग्रामीण डॉक्टर सतीश कुमार ने उसकी शिकायत सुनीं।

एसएसपी दफ्तर में 75 साल के होरीलाल ने बताया कि वह थाना शाही के दुनका का रहने वाला है। वह अपने बेटे लालता प्रसाद की हरकतों से इतना परेशान है कि कुछ नहीं कर पा रहा। बेटा खाने को कुछ नहीं देता। साथ ही उधार लिए 5 हजार रुपए भी नही दे रहा। जमीन भी छीन ली। उस जमीन की सारी फसलें भी बेटा खुद रख लेता है। ऐसे में बुजुर्ग का जीना दूभर हो गया है।

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होरीलाल ने एसपी ग्रामीण को यह भी बताया कि उनकी बहू कभी-कभी खाना दे देती है। जबकि बेटे को न तो पुलिस समझा रही है न डीएम और सीएम भी होरीलाल की शिकायत पर कोई एक्शन ​ले रहे हैं। कुछ सिपाही एक बार होरीलाल की गुहार पर घर पहुंचे थे, किंतु उस समय उनसे बात करने की जगह बेटे से बात करके वापस लौट गई।

होरीलाल की बात सुनकर एसपी ग्रामीण सतीश कुमार ने शाही थानाध्यक्ष को फोन करके न्याय दिलाने को कहा। सतीश कुमार ने ये भी कहा कि उस बेटे को अच्छी तरह समझा भी दें।

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English summary
a farmer face trouble for food, his son very hunks
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