'कफन लेना है' कहकर तड़के व्यापारी को जगाया, बेटे सहित अपहरण
मिर्जापुर। यूपी में चुनार कोतवाली के अदलपुरा में मंगलवार तड़के शव दाह का सामान लेने के लिए बुलाकर कपड़ा व्यापारी पिता-पुत्र का अपहरण कर लिया गया। सुबह छह बजे तक वापस घर न लौटने पर महिलाओं ने दुकान पर आकर देखा तो दोनों वहां नहीं थे। दुकान की चाबी शटर के पास पड़ी थी। महिलाओं के बताने पर जुटे चट्टी के लोगों ने यूपी 100 टीम को सूचना दिया। पुलिस ने पहुंचकर जांच पड़ताल की। शाम तक पिता-पुत्र का पता नहीं चल पाया था। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, अदलपुरा चौकी के साथ ही चुनार कोतवाली की पुलिस खोजबीन में जुटी है। पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है।

कफन लेने के लिए तड़के तीन बजे जगाया
अदलपुरा पुलिस चौकी से सौ मीटर दूर बाजार में अशोक केशरी की 25 वर्ष पुरानी कपड़े की दुकान है। 52 वषींर्य अशोक और उनका 30 वर्षीय बेटा कल्लू मिलकर दुकान चलाते हैं। दुकान से सौ मीटर दूर उनका घर है। दुकानदार रात में शव दाह के लिए आने वालों के बुलाने पर दुकान खोलकर सामान दे देते रहे हैं। परिवार की महिलाओं के अनुसार भोर में तीन बजे बोलेरो सवार लोग घर पर आए। शव दाह के लिए सामान खरीदना बताए। अशोक ने अपने 30 वर्षीय बेटे को दुकान पर जाकर सामान देने को कहा। बेटे ने नींद में होने के कारण बाप को दुकान पर जाने की बात कही। पिता के दुकान पर जाते समय बेटा कल्लू भी उठकर पीछे से उसके साथ चल दिया।
पुलिस के अनुसार ले रखा था कर्ज, मामला संदिग्ध है
सुबह छह बजे तक दोनों के घर न लौटने पर कल्लू की पत्नी ने दुकान पर जाकर देखा तो वहां दोनों नहीं थे। दुकान के बाहर शटर के पास दुकान की चाबी पड़ी थी। इसपर अनहोनी की आशंका भांपकर उसने मामले की जानकारी बाजार के लोगों के साथ ही यूपी 100 टीम को दी। कुछ ही देर में चौकी से भी पुलिस पहुंच गयी और परिजनों से पूछताछ करके जांच पड़ताल में जुट गई। दोपहर बारह बजे तक दोनों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया था। अदलपुरा चौकी प्रभारी मो.शाहिद खां का कहना है कि दुकानदार ने कई लोगों से कर्ज ले रखा है। इसलिए मामला संदिग्ध लग रहा है। जब तक पिता-पुत्र मिल न जाएं या उनके बारे में कोई सुराग न मिल जाए तब तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

कहीं कर्ज देने वालों ने तो नहीं कर लिया पिता-पुत्र को अगवा
चुनार कोतवाली के अदलपुरा बाजार के दुकानदार अशोक केशरी और उसके बेटे कल्लू ने व्यापार चलाने के लिए कई लोगों से कर्ज ले रखा है। इससे दोनों इधर कई महीने से परेशान भी चल रहे थे। परिवार के सदस्य और बाजार के लोग भी दोनों के कर्ज में डूबे होने की बात स्वीकार कर रहे है। इससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि कहीं कर्ज देने वालों ने ही तो दोनों का अपहरण नहीं कर लिया है। पुलिस घटना के एक-एक पहलू को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल कर रही है। जिससे कहीं से कोई कमी न रह जाए। यही नहीं पुलिस परिवार में मौजूदा सास और बहू से घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है। उन महिलाओं के बताने के साथ ही मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल लेकर भी पड़ताल कर रहे हैं। बीते कई दिनों से मोबाइल नंबर पर आने वाले फोन से भी पुलिस सुराग ढूंढने की कोशिश कर रही है।
वाराणसी से भी जुड़ा हो सकता है दुकानदारों के लेनदेन का मामला
चुनार कोतवाली के अदलुपरा बाजार से अपहृत हुए पिता-पुत्र के लेन देन का मामला वाराणसी के कुछ व्यापारियों से भी जुड़ा होना बताया जा रहा है इसलिए पुलिस की ओर से वाराणसी के व्यापारियों से भी बात की जा रही है। जिन व्यापारियों से सामानों के साथ ही पैसे के लेनदेन का मामला है वहां तक पुलिस पहुंचने की कोशिश कर रही है। जिससे व्यापारियों के बारे में कोई न कोई ठोस सुराग निकाला जा सके। एसपी ने भी पुलिस की टीमों को सक्रिय करके हर पहलू पर जांच पड़ताल करने का निर्देश दिया है। जिससे व्यापारियों को सही सलामत बरामद किया जा सके।

अन्य दुकानदारों और परिवार में दहशत का माहौल
अदलपुरा में दुकानदार पिता की पुत्र के अपहरण की घटना से बाजार के दुकानदारों और परिवार के सदस्यों में दहशत का माहौल व्याप्त है। दुकानदार और परिवार के सदस्य कुछ बोलने को तैयार नहीं है। घर में मात्र दो महिलाएं ही मौजूद हैं। उन महिलाओं ने मौन साध लिया है। वह किसी से कुछ भी बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं। महिलाओं ने बताया कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं है। कुछ कर्ज लिया गया है लेकिन उसकी भरपायी के लिए मकान बेच दिया गया है। शाम को चार बजे के बाद रिश्तेदारों के आने पर ही वह किसी से कुछ भी बता पाएंगी। दोनों महिलाएं घर में ऐसी पड़ी रहीं कि जैसे उनके शरीर में जान ही न हो। बाजार के दुकानदार दहशत में हैं।












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