UP में 70 लाख छात्रों को है यूनिफॉर्म के लिए पैसे का इंतजार, जानिए कहां फंसा है पेंच
लखनऊ, 25 अगस्त : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार शिक्षा की बेहतरी के लिए हर संभव कदम उठा रही है। सरकार का प्रयास है कि हर लाभार्थी तक उसका हक पहुंचे। यूपी के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 1.91 करोड़ छात्रों में से लगभग 70 लाख छात्रों को अभी तक उनके बैंक खातों में स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए पैसा नहीं मिला है। बच्चों के अभिभावक अभी भी सरकार की सहायता का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के मंत्री और अधिकारियों का दावा है कि इन बच्चों के आधार कार्ड लिंक नहीं हुए हैं इसलिए उनके अभिभावकों के खातों में डायरेक्ट पैसा नहीं भेजा गया है।

बिना आधार लिंक किए जारी नहीं होगा पैसा
इसकी पुष्टि करते हुए, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि, "हम आधार कार्ड के अभाव में अपने किसी भी छात्र को कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं करेंगे। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि लाभ के वितरण के लिए प्रत्येक छात्र के पास आधार प्रमाणीकरण हो। आधार कार्ड लिंक होने से हमें छात्रों का सटीक आंकड़ा भी मिलेगा। संभावना है कि छात्रों को एक से अधिक स्कूलों में नामांकित किया जा सकता है क्योंकि उनके माता-पिता पिछले स्कूल को सूचित किए बिना स्थान बदलते हैं।"
ड्रेस न होने से बच्चों की शिक्षा नहीं होगी बाधित
बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने कहा कि किसी भी छात्र को यूनिफॉर्म के अभाव में स्कूल में प्रवेश करने से नहीं रोका जाएगा। विभाग ने शिक्षकों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया है कि किसी भी छात्र को उचित ड्रेस नहीं होने की स्थिति में स्कूल जाने से रोक दिया जाएगा। छात्र गत वर्ष की पुरानी यूनिफॉर्म पहन कर स्कूल आ सकते हैं। और उनमें से कई बिना वर्दी के भी आ रहे हैं।
एक अगस्त से यूनिफार्म के लिए भेजे जा रहे पैसे
दरअसल बेसिक शिक्षा विभाग ने 1 अगस्त से यूनिफॉर्म खरीदने के लिए छात्रों के खातों में 1200 रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) की प्रक्रिया शुरू की थी। उनके माता-पिता के बैंक खाते का विवरण लिया गया था जिसमें यह धनराशि भेजी जा रही है। विभाग ने कहा है कि इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्य के सभी न्याय पंचायत संसाधन केंद्रों पर अस्थायी रूप से आधार अपडेट केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
छात्रों का आधार लिंक करने की चल रही प्रक्रिया
स्कूल शिक्षा महानिदेशक, विजय किरण आनंद ने जिला स्तर के अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए विभाग और श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड के बीच एक अनुबंध किया गया है। अनुबंध के अनुसार, विभाग श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को प्रत्येक न्याय पंचायत संसाधन केंद्र में अस्थायी रूप से एक अतिरिक्त कमरा उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि न्याय पंचायत केंद्रों में बिना आधार कार्ड वाले छात्रों के नामांकन का काम प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित होगा।
स्कूली ड्रेस के लिए बच्चों को पैसा देती है सरकार
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में प्रत्येक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक छात्र को डीबीटी के माध्यम से 600 रुपये के दो स्कूल ड्रेस, 200 रुपए में एक स्वेटर, 125 रुपए में एक जोड़ी जूते, 175 रुपए एक स्कूल बैग के लिए दिया जाता है। इसके साथ ही 100 रुपये चार कॉपी, दो पेन, दो पेंसिल, दो शार्पनर और दो इरेज़र खरीदने के लिए दिए जाते हैं। यह राशि डीबीटी के माध्यम से माता-पिता के आधार से जुड़े बैंक खातों में स्थानांतरित की जाती है।












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