विधानसभा चुनावों में CAPF के 50 हजार जवान संभालेंगे मोर्चा, 375 कंपनियां भेजी जाएगी उत्तर प्रदेश
विधानसभा चुनावों में CAPF के 50 हजार जवान संभालेंगी मोर्चा, 375 कंपनियां भेजी जाएगी उत्तर प्रदेश
लखनऊ, 09 जनवरी: उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है। पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान सुरक्षा प्रदान करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लगभग 50 हजार जवानों को तैनात किया जा रहा है। इनमें सबसे ज्यादा जवानों की तैनाती उत्तर प्रदेश में होगी। क्योंकि उत्तर प्रदेश के अंदर 403 विधानसभा सीटों पर सात चरणों में वोटिंग होनी है।

पहले चरण के लिए उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी को करीब 58 सीटों पर वोटिंग होगी। वोटिंग से पहले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कुल 150 कंपनियां सभी जिलों में 10 जनवरी से तैनात होनी शुरू हो जाएंगी। इनका उद्देश्य निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से चुनाव संपन्न करना रहेगा। बता दें, सीएपीएफ की एक कंपनी में करीब 70 से 80 जवान होते हैं। इसके अलावा पंजाब (117 सीट), उत्तराखंड (70 सीट) और गोवा (40 सीट) में 14 फरवरी को एक ही दिन में सभी सीटों पर मतदान होगा।
वहीं, 60 विधानसभा सीटों वाले मणिपुर में 27 फरवरी और तीन मार्च को दो चरणों में चुनाव आयोजित होगा। निर्वाचन आयोग के अनुसार, पांचों राज्यों के लिए मतगणना 10 मार्च को की जाएगी। समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती चरण में सीएपीएफ के तहत आने वाले सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल), बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल), आईटीबीपी (इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस), सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) और एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) आदि की 500 कंपनियों को तैनात किया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में कम से कम 100 से 150 ऐसी और इकाइयों को भी जोड़ा जा सकता है। अधिकारी ने कहा, 'सीएपीएफ की इन कंपनियों को संवेदनशीलता और आवश्यकता के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 78 जिलों और आयुक्तालयों को आवंटित किया जा रहा है। लखनऊ पुलिस मुख्यालय द्वारा जिलों को निर्देश जारी किया गया है कि क्षेत्र में फ्लैग मार्च करें और विधानसभा चुनाव के लिए स्थानीय पुलिस से संपर्क स्थापित करें।'
अधिकारियों के अनुसार, प्रथम चरण के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में से प्रयागराज को सीआरपीएफ की सर्वाधिक चार कंपनियां मिली हैं। राज्य के चार जिलों में पुलिस की आयुक्तालय प्रणाली लागू है। इनमें से लखनऊ, कानपुर और वाराणसी को तीन-तीन जबकि गौतम बुद्ध नगर को दो कंपनियां दी गई हैं। उत्तर प्रदेश के 25 जिलों को सीएपीएफ की एक-एक कंपनी दी गई है जबकि 35 जिलों को दो-दो, 17 को तीन-तीन और एक को चार कंपनियां उपलब्ध कराई गई हैं।












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