आशा ज्योति केंद्र से किशोरी लापता, चौकी इंचार्ज समेत 10 महिला पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
इलाहाबाद। इलाहाबाद स्थित आशा ज्योति केंद्र से एक किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने पर हड़कंप मच गया है। जांच शुरू हुई और लापरवाही बरतने पर आशा ज्योति केंद्र पुलिस चौकी में तैनात सब इंस्पेक्टर सहित 10 महिला पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आश्चर्य की बात है कि मामला तीन दिन पहले का है जब किशोरी अचानक केंद्र से लापता हो गई थी। मामले में अब जब अफसरों को सूचना मिली तो जांच शुरु हुई। पता चला की आशा ज्योति केंद्र पुलिस चौकी में तैनात चौकी इंचार्ज व अन्य महिला सिपाही रात में सोने के लिए अपने कमरों में चली गई थी और अचानक किशोरी लापता हो गई । इस मामले में एसएसपी ने लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। फिलहाल राहत भरी खबर यह है कि किशोरी को उसके घर खागा फतेहपुर से बरामद कर लिया गया है। किशोरी को वापस इलाहाबाद ले आया गया है। जहां उससे पूछताछ के बाद आज फिर से उसे परिजनों को सुपुर्द किया जा सकता है।

इन पर हुई कार्रवाई
लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर की गई पुलिसकर्मियों में चौकी प्रभारी उर्मिला सिंह, सिपाही ममता देवी, कृति, रोली, आरती, पम्मी सिंह, रेखा सिंह, वैशाली, वंदना त्रिपाठी और प्रभा बाजपेयी शामिल हैं।
2 अगस्त को मिली थी किशोरी
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 2 अगस्त की रात फाफामऊ चौकी पुलिस को एक 14 वर्षीय किशोरी मिली थी। उसने अपना पता खागा फतेहपुर बताया तो पुलिस ने उसे मदद के लिए रात होने के कारण शहर के आशा ज्योति केंद्र पहुंचा दिया। पुलिस द्वारा किशोरी के परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन अचानक से तीन दिन पहले किशोरी आशा केंद्र से लापता हो गई। मंगलवार को किशोरी के लापता होने की खबर जब जिला प्रशासन को हुई तो हड़कंप मच गया और आनन-फानन में जांच शुरू हुई। प्रशासनिक जांच में महिला पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं किशोरी के घर जब संपर्क किया गया तो पता चला कि वह वहां पहुंच चुकी थी। पुलिस उसे वापस इलाहाबाद लेकर आई है। जहां, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वापस उसे आज परिजनों को सुपुर्द किया जा सकता है।
सुरक्षा पर सवाल
इलाहाबाद के डॉ. काटजू रोड पर आशा ज्योति केंद्र है। यहां पांच बेड हैं और मदद के लिये पांच दिनों तक पीड़ित महिला को रखा जा सकता है। इनकी सुरक्षा के लिए चौकी में एक महिला दारोगा समेत 9 सिपाहियों की तैनाती है। पूरे परिसर में आठ कैमरे लगे हैं। इसके बावजूद सोमवार की भोर में किशोरी फरार हो गई। ऐसे में केंद्र की सुरक्षा पर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
पिता की डांट से नाराज थी बेटी
आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी शिष्या सिंह राठौर ने बताया कि किशोरी अपने पिता से नाराज थी क्योंकि पिता ने उसे किसी बात पर फटकार लगाई थी। इसलिए उसने घर छोड़ने का मन बनाया और घर से भाग निकली। रेलवे स्टेशन के पास उसे पुलिस ने घूमते हुए देखा तो उसे आशा ज्योति केंद्र पहुंचा दिया गया।












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