ये है उन्नाव की स्याह तस्वीर: 1 साल पूरा नहीं हुआ और रेप के 86 मामले सामने आए, छेड़खानी की 185 FIR
उन्नाव. उत्तर प्रदेश का उन्नाव जिला इन दिनों दुष्कर्म पीड़िता की वजह से देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां की एक युवती जिसे कुछ युवकों ने जेल से बाहर आकर जला दिया था, उसकी गुरुवार तड़के दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। वह बलात्कारियों द्वारा निशाना बनाई गई थी। घटना के दिन, जलाए जाने के बाद वह घायलावस्था में ही करीब एक किमी चली और पुलिस को सूचना दी। उसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया था कि उसका शरीर 90 फीसदी तक जल चुका है और बचना मुश्किल है। डॉक्टरों का अंदाजा सही निकला, जब पीड़िता ने शुक्रवार रात 11:40 बजे हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से उसका परिवार सदमे में है। उन्हें संवेदना जताने की आड़ में राजनीतिज्ञ अपनी रोटियां सेक रहे हैं।

उन्नाव में बड़े-बड़े आरोपियों को नहीं हुई सजा
मगर, उन्नाव में होने वाली बलात्कार की वारदातों को काबू पाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। इसी साल बीते 11 महिनों में इस जिले में दुष्कर्म के 86 और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के 185 मामले दर्ज हो चुके हैं। ये भी वे मामले हैं, जो पुलिस तक पहुंचे हैं। काफी वारदातें तो सामने नहीं आ पाईं। ऐसे में बलात्कारी बेखौफ हैं। रही कसर, कुलदीप सिंह सेंगर वाले केस ने पूरी कर दी।

सेंगर एक युवती से दुष्कर्म किए जाने के आरोप झेल रहा है। उस पर यह भी आरोप हैं कि खुद को बचाने के लिए उसने युवती और उसके परिवार को मरवाने की पूरी कोशिश की। युवती के कई परिजन मार भी डाले गए हैं। जिसके बाद सेंगर को जेल भेज दिया गया। हालांकि, उसे अब तक सजा नहीं हुई है।












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