बांगरमऊ उपचुनाव में सांसद साक्षी महाराज ने खेला सांप्रदायिक कार्ड, फिर उठाया कब्रिस्तान और श्मशान का मुद्दा
उन्नाव। उत्तर प्रदेश में बांगरमऊ सीट पर हो रहे उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने उतरे उन्नाव क्षेत्र के सांसद साक्षी महाराज ने फिर से कब्रिस्तान और श्मशान का मुद्दा उठाया है। 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के फतेहपुर में चुनावी भाषण में कहा था कि गांव में कब्रिस्तान बनता है तो श्मशान घाट भी बनना चाहिए। उस समय प्रधानमंत्री का यह बयान सांप्रदायिक कार्ड के तौर पर चर्चित रहा था। भाजपा के विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर को रेप केस में सजा के बाद खाली हुई बांगरमऊ सीट पर उपचुनाव के भाषण में सांसद साक्षी महाराज ने वैसा ही बयान फिर से दोहराया है।

सांसद साक्षी महाराज ने भाजपा प्रत्याशी श्रीकांत कटियार के लिए चुनाव प्रचार करते हुए आयोजित सभा में कहा कि अगर गांव में एक भी मुसलमान रहता है तो उसको दफनाने के लिए बड़ा कब्रिस्तान होता है लेकिन बाकी लोगों को खेत की मेड़ या गंगा किनारे अंतिम संस्कार के लिए जाना पड़ता है। कहा कि यह अन्याय है और जनसंख्या के अनुपात से गांव में कब्रिस्तान और श्मशान दोनों होने चाहिए। साक्षी यहां तक कह गए कि हमारे धैर्य और शालीनता की परीक्षा न ली जाय।
बांगरमऊ में पिछड़ी जाति के मतदाताओं की कुल संख्या सबसे ज्यादा है इसलिए पिछड़ा कार्ड खेलते हुए भाजपा ने श्रीकांत कटियार को चुनाव मैदान में उतारा है।। बांगरमऊ के कस्बा टोला निवासी श्रीकांत कटियार 2012 से 2016 तक भाजपा के जिलाध्यक्ष रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार श्रीकांत कटियार के नामांकन के समय सांसद साक्षी महाराज मौजूद थे। साफ छवि के कारण पार्टी ने पूर्व जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार को बांगरमऊ उपचुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किया। बांगरमऊ से सपा के प्रत्याशी सुरेश पाल हैं। कांग्रेस ने आरती वाजपेयी और बसपा ने महेश पाल को टिकट दिया है।












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