MP के जिस नौजवान को NASA से मिली 1.5 करोड़ की स्कॉलरशिप, वो Aditya L1 डिजाइननिंग टीम का है प्रमुख
Aditya L1: चंद्रयान तरह सोलर मिशन आदित्य एल वन की सफल लॉन्चिंग में मध्य प्रदेश के होनहार नौजवानों का योगदान हैं। जो इसरो में अलग-अलग जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्ही में से एक नाम डॉ. आफाक रजा खान भी हैं। जिन्होंने डिजाइनिंग टीम के प्रमुख की भूमिका अदा की।
हिंदी में 'आफाक' का अर्थ क्षितिज होता हैं। यानि वह स्थान जहां पृथ्वी और आकाश मिलते दिखाई देते हैं। एमपी के इस नौजवान ने भी अपने नाम के ही अनुरूप बुलंदी हासिल की हैं। आज कई उम्मीदों भरे सोलर मिशन आदित्य L-1 की लॉन्चिंग में आफाक की प्रतिभा का भी योगदान रहा।
डॉ. आफाक रजा मध्य प्रदेश में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के रहने वाले हैं। उनके पिता आरयू खान बताते है कि आफाक की बचपन से ही विज्ञान वो भी अंतरिक्ष में गहरी रूचि रही। वराहमिहिर शोध संस्थान में काम किया और मौजूदा वक्त में नासा की ओर से अंतरिक्ष विज्ञान में पीएचडी कर रहे हैं।

आदित्य एल1 के विषय में खान ने बताते है कि साल 2016 में सूरज के प्रकाश के मुख्य स्रोत, सूरज की किरणों से मौसम पर पड़ने वाले प्रभाव का पता लगाने के लिए आदित्य एल1 का डिजाइन करने का काम शुरू किया गया। करीब चार साल बाद २०२० में काम पूर्ण हो चुका था। बाद में कोरोना और अन्य मिशन के भी पूरा करने के कारण इसकी लांचिंग में विलंब हुआ। आदित्य के माध्यम से यदि सूर्य के प्रकाश का मुख्य स्रोत का पता चलता है तो हम धरती पर भी बिजली की कमी को पूरा कर सकेंगे।
दुनिया भर से बीस बच्चों का अंतरिक्ष विज्ञान में नासा की ओर से पीएचडी करने चयन हुआ था। जिसमें एमपी के आफाक रजा भी शामिल हैं। इस समय नासा में टेलीस्कोप पर रिसर्च चल रहा है और एक्स रे पर भी शोध जारी है। नासा ने आफाक को 1.7 करोड़ की स्कॉलरशिप भी प्रदान की हैं।












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