Ujjain में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, 74 हजार करोड़ का निवेश आने की संभावना
Ujjain में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 1 मार्च को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, विक्रमोत्सव और विक्रम व्यापार मेले का शुभारंभ करेंगे। मुख्य कार्यक्रम उज्जैन जिले के कालिदास अकादमी में प्रातः 10:30 बजे से आयोजित किया जायेगा। उज्जैन में 1 व 2 मार्च को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव कुल 56 प्रोजेक्ट का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे।
यह प्रोजेक्ट प्रदेश के भोपाल, उज्जैन, इन्दौर सहित 20 जिलों में हैं। इन 56 प्रोजेक्ट से 74 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आएगा, जिससे 17 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा।

इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में अब तक 35 कंपनियों से 74 हजार 711 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। यह आंकड़ा कॉन्क्लेव तक और बढ़ेगा। कॉन्क्लेव में 800 से अधिक इन्वेस्टर्स शामिल होंगे। साथ ही 30 फॉरेन डेलिगेट्स भी सहभागिता करेंगे। कॉन्क्लेव में बड़े उद्योपतियों को बुलाने और बड़े एमओयू साइन करने की बजाय सरकार का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारा जाए। इसी रणनीति के तहत सरकार ऐसी कंपनियों और इंडिविजुअल इन्वेस्टर को प्राथमिकता दे रही है जो तुरन्त निवेश के लिए तैयार हों।
कॉन्क्लेव में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बायर-सेलर मीट पर काफी फोकस किया जा रहा है। अभी तक 3200 से ज्यादा यूनिट् ने बायर-सेलर मीट में रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके जरिए प्रदेश के उत्पादकों, कृषि उत्पादों, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट्स को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।
निवेशकों से मुख्य़मंत्री वन-टू-वन करेंगे मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगे। इससे निवेशक सीधे अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने रख सकेंगे। प्रदेश की औद्योगिक नीति के बारे में विस्तार से चर्चा करने और उद्योगपतियों को जानकारी प्रदान करने के लिये पांच सेक्टोरियल सेशन भी होंगे। इसमें विषय विशेषज्ञ उद्योगपतियों को प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य और नीतियों के बारे में जानकारी प्रदान करेंगे।
उज्जैन और इंदौर संभाग के जिलों में रीजनल इण्डस्ट्री काँक्लेव में 644.97 एकड़ भूमि पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों द्वारा विभिन्न उत्पादों के प्लांट लगाए जाएंगे, जिसमें लगभग 8014.94 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है, जिसके माध्यम से 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा। खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक, फार्मास्युटिकल, मेडिकल डिवाइसेस, टेक्नीकल टेक्सटाईल, एडवांस कार्बन, सीमेंट, ऑक्सीजन सिलेण्डर, इथेनॉल, कपड़ा एवं परिधान, डिटर्जेंट इत्यादि उत्पादों पर केन्द्रित इकाईयां उज्जैन और इन्दौर संभाग के जिलों में स्थापित की जाएगी।
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