Mahashivratri 2023: महाकाल दरबार में 'शिव साधना', प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन प्रवास के दौरान भगवान महाकालेश्वर के मन्दिर में पहुंच कर सपत्निक भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किये एवं पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी लोगों के लिये मंगल कामना की है।

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महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रदेश के मुखिया सीएम शिवराज सिंह चौहान शनिवार को अपने उज्जैन प्रवास के दौरान भगवान महाकालेश्वर के मन्दिर में पहुंच कर सपत्निक भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किये एवं पूजन-अर्चन किया। पूजा पं.घनश्याम पुजारी एवं पं.प्रदीप गुरूजी ने कराई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान महाकालेश्वर से प्रदेश के सभी लोगों के लिये मंगल कामना की है। इस दौरान उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, महापौर मुकेश टटवाल, महिदपुर विधायक बहादुरसिंह चौहान, पूर्व सांसद चिन्तामणि मालवीय, पूर्व विधायक राजेन्द्र भारती, बहादुरसिंह बोरमुंडला, विवेक जोशी, विशाल राजौरिया सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
पूजन - अर्चन का सिलसिला जारी
आम दिनों पर महाकालेश्वर मंदिर के कपाट सुबह 4 बजे होने वाली भस्म आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए खुलते हैं, लेकिन महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल मंदिर के कपाट तय समय से लगभग 2 घंटे पहले यानी रात 2:00 बजे से ही खुल गए हैं, जहां पुजारियों द्वारा किए गए पूजन अर्चन के बाद भगवान महाकाल श्रद्धालुओं को दर्शन दे रहे हैं। महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर के पट खुलते ही सबसे पहले विभिन्न प्रकार के फलों के रस से बाबा महाकाल का स्नान करवाया गया, उसके पश्चात पूजन के पश्चात बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। लगभग 2:30 बजे से शुरू हुआ पूजन सुबह 4:30 बजे तक जारी रहा, जिसके बाद से आम श्रद्धालुओं के दर्शन की शुरुआत हुई। महाशिवरात्रि पर सतत 44 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे, और बाबा महाकाल की चार पहर की पूजा अर्चना की जाएगी।
कुछ ऐसी है व्यवस्था
महाशिवरात्रि पर्व पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं मन्दिर प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुरक्षित दर्शन करवाने हेतु व्यापक व्यवस्थाएं की गई है। श्रद्धालुओं को एक घंटे में दर्शन हो जायें, इस तरह की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। दर्शन में लगने वाले वेटिंग टाईम में विभिन्न स्थानों पर भजन मण्डली द्वारा भजन प्रस्तुत किये जायेंगे। आगन्तुक श्रद्धालुओं को पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मन्दिर में प्रवेश हेतु निर्धारित द्वार से प्रत्येक 200 मीटर दूरी पर पानी की बॉटल नि:शुल्क वितरित की जा रही है। साथ ही पार्किंग स्थल पर पीने के पानी के टेंकर खड़े किये गए हैं। गर्मी के मद्देनजर प्रवेश द्वार से लेकर निर्गम द्वार तक, निर्गम द्वार से जूता स्टेण्ड तक मेटिंग बिछाकर शामियाना लगाया गया है।
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