Mahakal को गर्मी में शीतलता प्रदान करेगी गलंतिका, 11 कलशों से सतत निकल रही जलधारा
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल को शीतलता प्रदान करने के लिए 11 कलशों में अलग-अलग नदियों का जल भरकर उससे सतत जलधारा प्रवाहित की जा रही है।

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धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल को शीतलता प्रदान करने के लिए 11 कलशों में अलग-अलग नदियों का जल भरकर उससे सतत जलधारा प्रवाहित की जा रही है। आगामी 2 महीनों तक रोजाना सुबह 6 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक भगवान महाकाल के ऊपर ठंडे पानी से जल प्रवाहित किया जाएगा। मान्यता है कि, वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से गर्मी की शुरुआत होती है, और इसके बाद 2 माह में अत्यधिक गर्मी पड़ती है, जिसके चलते भगवान को शीतलता प्रदान करने के लिए 11 मिट्टी के कलश की गलंतिका का बांधी जाती है, और इन कलशों से जलधारा भगवान के ऊपर प्रवाहित की जाती है।
11 नदियों का जल शामिल
धार्मिक नगरी उज्जैन में भगवान महाकाल को गर्मी से बचाने के लिए शुक्रवार सुबह भस्मारती में 11 मटकियां लगाई गई, जिससे भगवान महाकाल के ऊपर सतत ठंडे जल की धारा प्रवाहित होती रहेगी। बाबा को गर्मी न लगे इसके लिए वैशाख कृष्ण प्रतिपदा (7 अप्रैल 2023) की सुबह मंदिर के पंडित और पुजारियों ने मिलकर ठंडे पानी की गलंतिका शिवलिंग के ऊपर बांधी। अब इसमें से लगातार पानी शिवलिंग पर गिरेगा। खास बात यह है कि, बाबा महाकाल के शिवलिंग के ऊपर जो मटकियां लगाई गई हैं, उसमें 11 नदियों का जल शामिल किया गया।
गर्मी बढ़ने की संभावना
धार्मिक नगरी उज्जैन समेत प्रदेश के अलग अलग जिलों में आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप देखने मिल सकता है, जहां तापमान लगातार बढ़ने की संभावना है, तो वहीं गर्मी भी अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है, फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास नजर आ रहा है, तो वहीं गर्मी का प्रकोप भी कम है, लेकिन आने वाले दिनों में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। वहीं अब गर्मी के प्रकोप के बीच भगवान महाकाल को शीतलता प्रदान करने के लिए मटकियां बांधी गई है, वहीं अब मटकियों से जलधारा सीधे भगवान महाकाल पर गिरेगी। उधर, महाकाल मंदिर में लगातार भक्तों की संख्या बढ़ती नजर आ रही है, जहां भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।












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