Video: बाबा महाकाल के दरबार में रक्षाबंधन, भस्मारती के बाद बांधी गई राखी, लड्डुओं का लगा भोग

उज्जैन, 11 अगस्त: देशभर में रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है, जहां मध्यप्रदेश में भी रक्षाबंधन पर्व को लेकर उत्साह देखने मिल रहा है. वहीं प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल मंदिर में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया, जहां श्रावण पूर्णिमा को रक्षाबंधन पर भस्मारती के बाद बाबा महाकाल को सबसे पहले राखी बांधी गई। इसके साथ ही पुजारियों ने बाबा महाकाल को लड्डुओं का भोग लगाया। परंपरा के अनुसार उज्जैन में सभी त्योहार सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाए जाते हैं।

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    भगवान को लगा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग

    भगवान को लगा सवा लाख लड्डुओं का महाभोग

    परंपरा अनुसार भगवान महाकालेश्वर को भस्म आरती के बाद सबसे पहले राखी बांधी जाती है। वहीं इसके बाद पुजारियों की ओर से सवा लाख लड्डुओं का महाभोग भगवान महाकालेश्वर को लगाया गया। इन लड्डू को तैयार करने के लिए पुजारी परिवार के साथ ही श्रद्धालुओं की ओर से भी सामग्री दी जाती है, जिसे प्रसाद में शामिल किया जाता है। वहीं भस्म आरती के बाद दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है।

    देश और दुनिया से आती हैं राखियां

    देश और दुनिया से आती हैं राखियां

    परंपरा अनुसार बाबा महाकाल को दुनियाभर से राखी भेजी जाती है। हजारों की संख्या में डाक से आई राखियां अर्पित की गई। यहां भगवान गणेश को यह राखी बांधी जाती है। इनमें देश के अलग-अलग शहरों और दुनियाभर के अनेकों स्थानों से राखी भेजी जाती है। भगवान गणेश के लिए यह राखियां इसलिए आती हैं, क्योंकि भगवान शिव और मां पार्वती को जगत माता-पिता माना गया है। इस मान्यता से भगवान गणेश उनके भाई हुए।

    प्रदेशभर में रक्षाबंधन पर्व का उत्साह

    प्रदेशभर में रक्षाबंधन पर्व का उत्साह

    देशभर के साथ ही मध्य प्रदेश में भी रक्षाबंधन का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। हर तरफ रक्षाबंधन पर्व का उत्साह नजर आ रहा है, तो वहीं इस बार रक्षाबंधन का पर्व तिथियों के फेर में उलझा नजर आ रहा है, जिसके चलते कुछ लोग 11 अगस्त को दिन भर रक्षाबंधन का पर्व मनाएंगे, तो कुछ लोग 11 अगस्त की देर शाम 8 बजकर 51 मिनट से 9 बजकर 20 मिनट तक रक्षा सूत्र अपने भाइयों की कलाई पर बांधेंगे। यही कारण है कि रक्षाबंधन के अलग-अलग मुहूर्त होने के कारण लोग असमंजस की स्थिति में नजर आ रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके रक्षाबंधन पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ पूरे देश भर में मनाया जा रहा है।

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