'जब, 500 के नोट की गड्ढी के साथ थमाया था बिल...' कुछ इस तरह CM मोहन यादव ने जीता था पिता का दिल
उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पिताजी सेठ पूनमचंद यादव का मंगलवार को निधन हो गया। वे 100 वर्ष के थे, और कुछ समय से अस्वस्थ होने से उज्जैन अस्पताल में उपचाररत थे। उनके निधन की खबर मिलने पर राजनैतिक, प्रशासनिक और आमजन में शोक व्याप्त है।
दिवंगत पूनमचंद यादव ने शुरूआती जीवन में संघर्ष के साथ आगे बढ़ते हुए अपने परिवार का बेहतर लालन-पालन किया। उनके परिवार में तीन पुत्र नंदू यादव, नारायण यादव और डॉ. मोहन यादव के साथ दो पुत्रियां कलावती यादव एवं शांति देवी हैं। स्व. यादव जीवट इंसान रहे, और अंतिम समय तक 100 वर्ष की आयु होने पर भी उन्होंने अपना कार्य स्वयं किया।

फादर्स डे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन में पिता से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने टीवी प्रतिनिधियों से बातचीत में कहा था कि, कुटुंब परंपरा विश्व को भारत की देन है। सभी को फादर्स डे अर्थात पितृ दिवस की बधाई। इस दौरान एक चौंकाने वाला वाक्या भी देखने मिला था, जब CM डॉक्टर मोहन यादव को उनके पिता ने 500 के नोट की गड्ढे दी थी, जिसमें से CM मोहन यादव ने एक नोट निकाल कर अपने पास रख लिया था। वहीं इसके बाद CM मोहन यादव को पिता ने ट्रैक्टर सुधारने का बिल दे दिया, जिसे देख CM ठहाके लगाने लगे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मंगलवार को मंत्रालय में केबिनेट एवं अन्य विभागीय बैठकों के दौरान जैसे ही उनके पिताजी के निधन की खबर मिली, वे तत्काल उज्जैन के लिये रवाना हो गये। अंतिम यात्रा 4 सितम्बर को प्रातः 11.30 बजे निकलेगी। स्व. पूनमचंद यादव की अंतिम यात्रा 4 सितम्बर को प्रातः 11.30 बजे उनके निज निवास गीता कॉलोनी अब्दालपुरा उज्जैन से प्रारंभ होगी। उनका अंतिम संस्कार क्षिप्रा तट पर भूखीमाता मंदिर के पास होगा।
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