Udaipur Sewerage: 4 मजदूरों की मौत का चौंकाने वाला खुलासा, वो करंट से नहीं मरे, जानिए असली वजह

उदयपुर। राजस्थान की लेकसिटी को झकझोर देने वाले उदयपुर सीवरेज हादसे में चार मजदूरों की मौत के मामले में चौंका देने वाला खुलासा हुआ है। अब तक तो अधिकांश लोग यही मान रहे थे कि चारों मजदूरों की मौत करंट लगने की वजह से हुई है, मगर असली वजह का पता शवों के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चला है।

Four labourers die in sewerage Udaipur know postmortem report

उदयपुर सीवर लाइन में चार मजदूरों की मौत के दूसरे दिन गुरुवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह करंट लगने की बजाय दम घुटना सामने आया है। मतलब सीवरेज लाइन में मजदूर एक-एक करके उतरते गए और मौत के मुंह में समाते गए। जो भी श्रमिक सीवरेज लाइन में उतरा वापस जिंदा बाहर नहीं आया। जांच एजेन्सियों का अनुमान है कि सीवरेज के चेम्बर में हादसे के समय करीब डेढ़ से दो फीट पानी था। टी प्वांइट पर तीनों तरफ पानी की आवक थी। संभवत: इसमें गंदा पानी आने के बाद गैस बनने से हादसा हुआ।

क्या है उदयपुर सीवर लाइन हादसा

बता दें कि उदयपुर के हिरणमगरी थाना इलाके में पिछले दो साल से सीवरेज कार्य चल रहा है। यहां मनवाखेड़ा सरकारी स्कूल के पीछे मैन रोड पर पाइप डाले जाने के बाद दो माह से सीवर लाइन ढक्कन बंद था। 28 अगस्त 2019 की सुबह ढक्कन खोलकर एक श्रमिक सीवरेज लाइन में उतरा था। वह वापस नहीं आया तो दो अन्य मदजूर और फिर इन तीनों को देखने के लिए एक्सक्वेटर मशीन का चालक उतरा। चारों ही अंदर रह गए थे। सभी की दम घुटने से मौत हो गई।

Four labourers die in sewerage Udaipur know postmortem report

उदयपुर में इन चार श्रमिकों की हुई मौत

उदयपुर सीवर लाइन में जान गंवाने वालों में मजदूरों में बड़ी का खेड़ा विजयनगर (चित्तौडगढ़) निवासी कानसिंह (22) पुत्र श्रवणसिंह पंवार, बिलोदा जालमपुरा शंभूपुरा (चित्तौडगढ़) निवासी प्रहलाद (24), कानेड़ा हमेरा (बांसवाड़ा) निवासी कैलाश (18) पुत्र लक्ष्मणलाल मीणा व नाल अलंकर कातनवाड़ा परसाद (उदयपुर) निवासी धर्मचन्द्र (23) पुत्र भैंरूलाल मीणा शामिल थे। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

करंट लगने की नहीं हुई पुष्टि

हादसे के तुरंत बाद यह माना गया था कि सीवरेज लाइन में करंट दौड़ने की वजह से श्रमिकों की मौत हुई है, लेकिन विद्युत निगम की जांच में करंट की पुष्टि नहीं हुई है। विद्युत निगम की टीम ने लाइन को चालू कर चेम्बर व उसके आसपास के क्षेत्र में लाइव डिटेक्टर को घुमाया। निगम अधिकारियों ने उसे चालू लाइन में मीटर पर चेक कर बताया। चालू लाइन में टच करते ही डिटेक्टर में बिप के साथ लाइट जल उठी। यह बिप चेम्बर के बाहर व अंदर कहीं नहीं बजी।

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