राजस्थान में क्यों जल उठा उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे, देखें डूंगरपुर में 40 घंटे में 30 वाहन फूंकने की 20 फोटो

जयपुर। राजस्थान में उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे जल उठा है। एसपी की गाड़ी समेत 30 से ज्यादा वाहन फूंके जा चुके हैं। राजस्थान-गुजरात को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण हाईवे के दस किलोमीटर के क्षेत्र में प्रदर्शनकारी कब्जा जमा चुके हैं। 700 लोगों पर केस दर्ज किए गए हैं। आईए जानते हैं सामान्य सा दिखना वाला धरना-प्रदर्शन आखिर क्यों हिंसात्मक हो गया और नेशनल हाईवे संख्या 8 अचानक हिंसा, पथराव, आगजनी, लूटपाट व तोड़फोड़ की भेंट चढ़ गया। राजस्थान के डूंगरपुर में हो रहे इस उग्र प्रदर्शन की 20 की तस्वीरों के साथ ही जानिए ताजा अपडेट और इसकी मुख्य वजह।

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    डूंगरपुर : उदयपुर-अहमदाबाद हाइवे पर 10 KM में बेरोजगारों का कब्जा, डीजल लूटकर 25 वाहन फूंके
    1. राजस्थान में कहां हुआ उपद्रव?

    1. राजस्थान में कहां हुआ उपद्रव?

    राजस्थान में यह उपद्रव राजधानी जयपुर से करीब 499 किलोमीटर दूर स्थित डूंगरपुर जिले में हो रहा है। डूंगरपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर बि​छीवाड़ा-खेरवाड़ा का इलाका उपद्रव का केन्द्र बिन्दू है।

     2. डूंगरपुर में अब क्या स्थिति है?

    2. डूंगरपुर में अब क्या स्थिति है?

    26 सितम्बर 2020 डूंगरपुर उपद्रव का तीसरा दिन है। आज स्थिति थोड़ी सामान्य बताई जा रही है। हालांकि अहमदाबाद-उदयपुर हाईवे पर अभी आवागमन बंद पड़ा है। हाईवे पर दस किलोमीटर ​क्षेत्र में जगह-जगह जले हुए वाहन खड़े हैं। मकानों व दुकानों में तोड़फोड़ के निशां हैं। आस-पास के लोग भयभीत हैं। भारी संख्या में पुलिस तैनात है।

    3. प्रदर्शनकारियों की क्या है रणनीति?

    3. प्रदर्शनकारियों की क्या है रणनीति?

    डूंगरपुर में हिंसा करने वालों ने गजब की रणनीति अपना रखी है। हाईवे पर करीब दस किलोमीटर क्षेत्र में स्थित पहाड़ियों पर प्रदर्शनकारियों ने डेरा डाल रखा है। सभी एक साथ एकत्रित होने की बजाय आठ से दस व्यक्तियों के समूह में बैठे हैं। ताकि उन पर पुलिस एक साथ कार्रवाई नहीं कर सके।

     4. अब तक कितना नुकसान कर चुके हैं प्रदर्शनकारी?

    4. अब तक कितना नुकसान कर चुके हैं प्रदर्शनकारी?

    उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर हिंसात्मक कदम उठाकर प्रदर्शनकारी अब तक करोड़ों रुपए के जान माल को नुकसान पहुंचा चुके हैं। बीते 40 घंटे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 30 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया। वहीं, होटल व पेट्रोल पंप पर भी जमकर तोड़फोड़ की है।

     5. पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए क्या कदम उठाए?

    5. पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए क्या कदम उठाए?

    डूंगरपुर में यूं तो कई दिन से बेरोजगारों का प्रदर्शन चल रहा था। अब तक तो जिला पुलिस ही व्य​वस्था संभालने में लगी हुई थी, मगर ​अब हिंसा बढ़ने पर पुलिसकर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई। पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी दागे हैं। साथ ही पहाड़ियों पर चढ़कर प्रदर्शनकारियों की धर पकड़ भी की है।

     6. आमजन को कैसे हो रही परेशान?

    6. आमजन को कैसे हो रही परेशान?

    उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे राजस्थान के सबसे व्यस्तम हाईवे में से एक है। दिल्ली से मुम्बई को जोड़ने वाला यह हाईवे 677 किलोमीटर लम्बा है। रोजाना बड़ी संख्या में लोग राजस्थान और गुजरात के बीच सफर करते हैं। हाईवे पर उग्र प्रदर्शन होने के कारण बड़ी संख्या में आमजन भी रास्तों में वाहनों फंस गए हैं, जिन्हें दूसरों मार्गों से निकाला जा रहा है।

     7. कब से शुरू हुआ डूंगरपुर में उग्र प्रदर्शन?

    7. कब से शुरू हुआ डूंगरपुर में उग्र प्रदर्शन?

    डूंगरपुर में बेरोजगारों के इस आंदोलन की शुरुआत 7 सितंबर 2020 से शुरू हुई थी। शुरुआत में धरना प्रदर्शन का केन्द्र बिन्दू डूंगरपुर जिले की कांकरी डूंगरी पहाड़ी थी। गुरुवार को प्रदर्शनकारी पहाड़ी से नीचे उतरकर उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे संख्या 8 पर आ गए और हिंसात्मक हो गए।

     8. डूंगरपुर जिला प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

    8. डूंगरपुर जिला प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?

    डूंगरपुर में प्रदर्शन करने वालों से पुलिस प्रशासन के साथ-साथ जिला प्रशासन भी सख्ती से निपट रहा है। डूंगरपुर और उपद्रव वाली जगहों से लगती उदयपुर जिले की सीमा में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। धारा 144 भी लगाई गई है।

     9. इस मामले में मुख्यमंत्री का क्या कहना है?

    9. इस मामले में मुख्यमंत्री का क्या कहना है?

    डूंगरपुर जिले में हो रहे उग्र प्रदर्शन पर राजस्थान सरकार की भी पूरी नजर है। खुद सीएम अशोक गहलोत पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। सीएम गहलोत ने सोशल मीडिया पर कहा कि डूंगरपुर में उपद्रव व हिंसक प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। विरोध करने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल हो। कानून हाथ में लेने की इजाजत ​किसी को नहीं है।

     10. किस तरह से हमला कर रहे प्रदर्शनकारी?

    10. किस तरह से हमला कर रहे प्रदर्शनकारी?

    प्रदर्शनकारी पूरी तरह से हिंसक हो रखे हैं। परम्परागत तरीके से पुलिस का सामना कर रहे हैं। पहाड़ी पर चढ़कर पुलिस पर आसानी से पथराव कर रहे हैं। इसके अलावा गोफण (रस्सी के जरिए हाथ से तैयार किया हथियार) का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोफण एक तरह से गुलेल जैसा होता है। इसमें पत्थर रखकर पुलिस पर फेंके जाते हैं।

     11. अब तक कितने पुलिसकर्मियों के आई चोटें?

    11. अब तक कितने पुलिसकर्मियों के आई चोटें?

    डूंगरपुर उपद्रव को देखते हुए बि​छीवाड़ी-खेरवाड़ा व इसके आस-पास के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पहले दिन प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पत्थराव में 11 पुलिसकर्मी घायल हुए। अब तक 35 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं।

     12. प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई?

    12. प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई?

    उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे को आगे हवाले करने, जान-माल को नुकसान पहुंचाने और आमजन के साथ-साथ पुलिसकर्मियों की जान जोखिम में डालने वाले प्रदर्शनकारियों से पुलिस सख्ती से निपट रही है। अब तक 31 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए जा चुके हैं। वहीं, 700 के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

     13. कितने पुलिसकर्मी संभाल रहे व्यवस्था?

    13. कितने पुलिसकर्मी संभाल रहे व्यवस्था?

    डूंगरपुर में उपद्रव बढ़ने पर डूंगरपुर के अलावा पड़ोसी जिले बांसवाड़ा, उदयपुर, प्रतापगढ़ की पुलिस और आरएएसी के करीब 500 जवानों को मौके पर तैनात किया गया है। जवान हथियार, सुरक्षा जैकेट, हेलमेट आदि से लैस हैं।

     14. क्या आमजन को भी पहुंचाया नुकसान?

    14. क्या आमजन को भी पहुंचाया नुकसान?

    डूंगरपुर उपद्रव आमजन को भारी नुकसान पहुंचाया है। हाईवे पर निजी बसें, जीप, 7 कंटेनर आदि को फूंका गया है। इसके अलावा हाईवे किनारे स्थिति घरों, दुकानों व अतिथि पैलेस होटल में भी जमकर तोड़फोड़ की गई है। पथराव की चपेट में राहगिर भी आए।

    15. कौन हैं प्रदर्शन करने वाले लोग?

    15. कौन हैं प्रदर्शन करने वाले लोग?

    राजस्थान में डूंगरपुर जिला जनजाति बाहुल्य है। प्रदर्शन करने वाले अधिकांश लोग भी इसी वर्ग से हैं। प्रदर्शनकारियों में ज्यादातर लोग राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी हैं। ये बेरोजगार युवा ही पिछले कई दिन से प्रदर्शन भी कर रहे थे।

     16. क्या पुलिस अधिकारियों पर भी हुआ हमला?

    16. क्या पुलिस अधिकारियों पर भी हुआ हमला?

    प्रदर्शनकारियों ने किसी को भी नहीं बख्शा है। पुलिसकर्मी हो या पुलिस अधिकारी। जो भी सामने आया। उस पर हमला किया है। 35 घायल पुलिसकर्मियों में एएसपी, डीएसपी, थानेदार आदि भी शामिल हैं।

     16. क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी?

    16. क्या चाहते हैं प्रदर्शनकारी?

    प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग राजस्थान शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनारक्षित 1167 पदों को जनजाति (एसटी) वर्ग से भरने की है। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारी सात सितम्बर से डूंगरपुर की कांकरी डूंगरी पहाड़ी पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।

     17. क्यों उग्र हुए प्रदर्शकारी?

    17. क्यों उग्र हुए प्रदर्शकारी?

    प्रदर्शनकारी जब कांकरी डूंगरी पर प्रदर्शन कर रहे थे। तब पुलिस अधिकारी उनसे लगातार बातचीत कर समझाइश का प्रयास कर रहे थे। उस दौरान डूंगरपुर के बिछीवाड़ा पुलिस ने कोरोना महामारी के हवाला देकर नियम तोड़ने और गैर जमानती धाराओं में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। इसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए।

    18. पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर

    18. पुलिस के उच्च अधिकारी भी मौके पर

    पुलिसकर्मियों के साथ-साथ खुद उदयपुर आईजी बिनीता ठाकुर ने मोर्चा संभाल रखा है। वे मौके पर ही डटी हुई हैं। बीती रात करीब साढ़े नौ बजे उदयपुर-डूंगरपुर बॉर्डर मोथली पुलिया के अचानक प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए थे। यहीं पर आईजी ने कैम्प कर रखा था। यहां जयपुर ग्रामीण एसपी शंकर दत्त शर्मा को भी स्पेशल ड्यूटी पर लगाया गया है।

    19. दो किमी में पेट्रोलिंग कर रही पुलिस

    19. दो किमी में पेट्रोलिंग कर रही पुलिस

    डूंगरपुर उपद्रव के तीसरे दिन शनिवार को शांति है, मगर स्थिति तनावपूर्ण है। उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर करीब दो किलोमीटर तक के क्षेत्र में पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही हे। अब पुलिस सड़क पर और प्रदर्शनकारियों पहाड़ियों पर हैं।

     20. अब क्या कर रही है राज्य सरकार?

    20. अब क्या कर रही है राज्य सरकार?

    डूंगरपुर हिंसात्मक प्रदर्शन को देखते हुए जयपुर में सीएम अशोक गहलोत ने मंत्रियों के साथ दो से तीन बार विशेष बैठक कर चुके हैं। संभवतया आज शाम तक इस मामले का पटाक्षेप हो सकता है। वहीं, शुक्रवार को विधायक रमिला खंडिया भी मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। आज फिर से सरकार और स्थानीय नेताओं का प्रतिनिधिमंडल प्रदर्शनकारियों से वार्ता के लिए जा सकता है।

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