राजस्थान में पशुओं के भी बन रहे हैं आधार कार्ड, 12 नंबर के अंकों से यूं होगी पहचान
उदयपुर। लो जी अब इंसानों की तर्ज पर पशुओं के भी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। राजस्थान के उदयपुर में पशुपालन विभाग ने गाय-भैंस की पहचान के लिए आधार कार्ड की तरह ही एक नया सिस्टम इजाद किया है। पशुपालन विभाग की इनाफ योजना के तहत गाय-भैंस के टैगिंग की जा रही हैं, जिससे ना सिर्फ उनकी पहचान हो पाएगी बल्कि उससे जुड़ी पूरी जानकारी ऑनलाइन अपडेट रह सकेगी।
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12 नंबर का अंक होगा पहचान का आधार
इन्फार्मेशन नेटवर्क फॉर एनिमल प्रॉडक्टिविटी एंड हैल्थ योजना के तहत टैगिंग के दौरान 12 डिजिट का आधार कार्ड की तरह नम्बर जनरेट किया जाता है, जिसे इनाफ सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जाता है। इसके तहत बार कोड भी जनरेट होता है, जिसे स्केन करने पर पशु के मालिक का नाम और उस पशु के टीकाकरण, नस्ल सुधार कार्यक्रम और चिकित्सा सहायता, पशु की उम्र, बीमारी सहित अन्य जानकारी को आसानी से जुटाई जा सकेगी।

चार सौ कर्मचारी जुटे पशुओं की टेगिंग करने में
उदयपुर में पशुपालन विभाग टेगिंग का यह कार्य चार साल की उम्र से ज्यादा के पशुओं पर कर रहा है। इसका प्रमुख उद्देश्य विस्तृत डेटाबेस तैयार करना है। पशुपालन विभाग के 400 कर्मचारी इस कार्य में जुटे हैं, जो 11 लाख पशुओं पर टैगिंग करेंगे। अब तक करीब 1 लाख 40 हजार पशुओं का आधार कार्ड तैयार कर लिया गया है।

पशुओं की चोरी होने पर मदद करेगा आधार नंबर
पशुपालन विभाग उदयपुर के संयुक्त निदेशक भूपेन्द्र भारद्वाज बताते हैं कि ऑनलाइन सिस्टम से पशु पालक घर बैठे पशु के बारे में जानकारी जुटा सकेंगे। पशुओं की खरीद फरोख्त भी आसान होगी। यहीं नहीं इस सॉफ्टवेयर का लाभ पुलिस की कार्रवाई में भी मिल सकेगा। पशु चोरी होने पर पुलिस आधार नम्बर के जनिए उन्हें उनके वास्तविक मालिक तक भी पहुंचा सकेगी।












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