Kerala Bus Accident: ड्राइवर की हालत देखकर मां हो गई थी असहज, बेटा बाल-बाल बचा तो बताया पूरा हाल
Kerala Bus Accident: केरल के पलक्कड़ जिले में बीती रात बड़ा सड़क हादसा सामने आया। इस सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत की खबर सामने आई है जबकि 38 लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। यह हादसा पलक्कड़ जिले के वडक्कनचेरी इलाके में हुआ, जहां पर केरल राज्य सड़क परिवहन निगम की बस और स्कूली बच्चों को पर्यटन पर ले जा रही बस की आपस में टक्कर हो गई। बुधवार की रात स्कूली छात्रों व शिक्षकों को लेकर जा रही पर्यटक बस ने केसीआरटीसी की बस को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के परखच्चे उड़ गए।

तीन बार किया फोन
इस बस हादसे के बाद बस में सवार छात्र एलन की मां शांति बिजू को इस बात का अंदेशा हो गया था कि सबकुछ ठीक नहीं है। जब उन्होंने अपने बेटे को स्कूल बस में बुधवार शाम को बैठाया तो उन्हें कुछ गड़बड़ लग रही थी। यही वजह है कि बस के जाने के बाद तीन बार शांति ने टीचर को तीन बार फोन किया। लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो वह अपने बेटे के दोस्त सिराज के फोन पर कॉल किया, जब सिराज ने बताया कि ड्राइवर बस बहुत तेज चला रहा है तो शांति की चिंता और बढ़ गई। शांति ने बताया कि मैं देर रात तक जगी रही, जैसे ही मुझे नींद आई मेरे फोन की घंटी बजी और बताया गया कि बस हादसे का शिकार हो गई है। सौभाग्य से एलन हादसे में बच गया और उसे चोट नहीं आई।
देर से रवाना हुई बस
बता दें कि बस में कुल 38 छात्र सवार थे, जिसमे क्लास 10, 11 और 12 के छात्र थे। इसके अलावा इसमे 5 टीचर भी थे। बस बुधवार की शाम 7 बजे रवाना हुआ थी। बस को 5 बजे रवाना होना था, लेकिन यह दो घंटे की देरी से रवाना हुई। देरी की वजह यह थी कि बस अपनी पहली ट्रिप से देर से लौटी। ऊटी जाते समय बस ने दूसरी बस को टक्कर मार दी, जिसमे पांच छात्र और एक टीचर की मौत हो गई। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं।

ड्राइवर थका हुआ लग रहा था
शांति बिजू ने बताया कि मैंने जब ड्राइवर को देखा तो वह बहुत ही ज्यादा थका हुआ लग रहा था, उसे नींद भी आ रही थी। यही वजह है कि मैंने ड्राइवर से कहा था कि ध्यान से बस चलाना। उसने मुझसे कहा था कि मैं अनुभवी ड्राइवर हूं और सुरक्षित बस चलाऊंगा। मुझे बताया गया था कि बस में दो ड्राइवर हैं। अभ यह बात भी सामने आई है कि स्कूल की ओर से परिवहन विभाग को इस बात की जानकारी नहीं दी गई थी कि बस को ट्रिप के लिए बुक किया गया है। आरटीओ अधिकारी ने हादसे के बाद स्कूल का दौरा किया और यह जानने की कोशिश की थी कि क्या स्कूल ने किसी अन्य विभाग को इस बात की जानकारी दी थी।
क्या कहना है आरटीओ का
आरटीओ अधिकारी ने बताया कि जब स्कूल प्रशासन हमे इसकी जानकारी देते हैं तो हम बस का मुआयना करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि इसमे कोई गलत लाइट तो नहीं लगी है, साउंड सिस्टम तय ध्वनि मात्रा के अनुसार है या नहीं। अगर बस आरटीओ के मानकों के दायरे में आती है और कोई दिक्कत होती है तो हम स्कूल को इसको लेकर अलर्ट करते हैं। हम इस बाबत एक रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपेंगे। रिपोर्ट के अनुसार बस की रफ्तार 97 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। जबकि कॉन्ट्रैक्ट बसों को फोर लेन रोड़ पर अधिकतम 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार और अन्य रोड़ पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ी चलाने की अनुमति है।












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