'तलाक, तलाक..' बोलकर छोड़ दिया, 2 माह बाद कानून बनने पर गुजरात में दर्ज हुआ पहला केस
सूरत। मुस्लिम पुरुषों द्वारा महिलाओं को त्रिपल तलाक दिए जाने के खिलाफ बने कानून को पिछले दिनों केंद्र सरकार ने संसद में पास करा लिया। यह कानून 'द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट ऑन मैरेज एक्ट-2019' के रूप में सामने आया है। इस कानून के लागू होने पर गुजरात में पहला केस सूरत में दर्ज हुआ है। यहां रांदेर क्षेत्र में रहने वाली महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ शिकायत दर्ज की। उस महिला को दो महीने पहले उसके पति ने 'तलाक, तलाक, तलाक..'' बोलकर छोड़ दिया था।

आरोपी पति की पहचान मोहम्मद उर्फ वसीम अशरफखान पठान के रूप में हुई है। मोहम्मद उर्फ वसीम अशरफखान पठान की शादी 2017 में हुई थी। महिला के आरोप हैं कि 2018 से मोहम्मद उसे प्रताड़ित करने लगा। वह माता-पिता और भाई-भाभी से फोन पर बात करने पर भी शक करने लगता था। जून-2019 में महिला की मौसी जब मॉरीशस जाने वाली थी, तब उसे मिलने जाने की बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ था।
इस झगड़े के बाद मोहम्मद बीवी को लेकर मायके आया। बाद में फोन पर ही तीन बार तलाक बोल दिया। महिला के घरवालों ने कई बार अनुरोध किया, मगर मोहम्मद ने कहा कि अब रिश्ता नहीं है। उसने महिला को अपने घर वापस लौटने से मना कर दिया। जिसके बाद महिला थाने के चक्कर काटने लगी। अब दो महीने बाद गुरुवार को मामले की शिकायत दर्ज हुई है।












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