कोरोना वायरस की महामारी के बीच वो बच्चे, जिन्हें जरूरत है हमारी मदद की
नई दिल्ली। कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से भारत सहित दुनियाभर के बच्चों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। इसके कारण उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, संरक्षण और समग्र कल्याण में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। बच्चों की सामाजिक सहभागिता कम हो रही है, चाहे फिर वो दोस्तों के साथ हो या फिर परिवार के सदस्यों और शिक्षकों के साथ। भारत में, बच्चे आबादी का 39% हिस्सा हैं। कोरोना संकट से पहले और बाद में भी ये बहुआयामी जोखिमों का सामना करेंगे।
कोरोना वायरस संकट के बीच वो लोग जो हाशिए पर हैं, उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे गरीब बच्चों और उनके परिवारों की मदद के लिए सेव द चिल्ड्रन आगे आया है। अपने इस अभियान में सेव द चिंल्ड्रन की टीम को कई मील तक चलना पड़ा।

इस मानवीय संकट में सेव द चिल्ड्रन ने बड़ी संख्या में लोगों तक मदद पहुंचाने का काम किया है। 27 अप्रैल, 2020 तक 3640 से अधिक परिवारों को राशन मुहैया कराया गया है। 1555 से अधिक परिवारों को साफ-सफाई से संबंधित किट दी गई हैं।

इसके अलावा 500 से अधिक बच्चों के परिवारों को विटामिन ए से भरपूर दूध उपलब्ध कराया गया। करीब 46,000 व्यक्तियों को उनके आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए सहयोग दिया गया है। इसके साथ ही इन लोगों का स्वास्थय बिल्कुल ठीक रहे, ये सुनिश्चित करने के लिए भी सेव द चिल्ड्रन टीम की ओर से सभी तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। टीम ने तीन लाख से अधिक लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का काम भी किया है।

सेव द चिल्ड्रन ने एक बड़ी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है और इन्हें आपके सहयोग की जरूरत है। आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित करने के लिए आज प्रयास करना काफी जरूरी है। सेव द चिल्ड्रन की ये यात्रा हर गरीब, वंचित परिवार और बच्चों तक मदद पहुंचाने के लिए ऐसे ही जारी रहेगी। आप चाहें तो QR कोड को स्कैन करके भी इस मदद के काम में सहयोग कर सकते हैं।













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