टिकट के लिए कांग्रेस नेत्री रीता ने खुद पर चलवाई थी गोली, PM को काला झंडा दिखाकर आई थी चर्चाओं में
टिकट के लिए कांग्रेस नेत्री रीता ने खुद पर चलवाई थी गोली, PM को काला झंडा दिखाकर आई थी चर्चाओं में
सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस पार्टी का टिकट पाने और अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए 3 जनवरी को रीता यादव ने खुद पर गोली चलवाई थी। इस बात का खुलासा सुल्तानपुर पुलिस ने किया है। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों समेत कांग्रेस नेत्री रीता यादव को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, घटना में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद किया है। आपको बता दें, रीता यादव (35) हाल ही में समाजवादी पार्टी छोड़कर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुई थी।

पीएम मोदी को दिया था काला झंडा
रीता यादव 16 नवंबर को पीएम मोदी को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के दौरान काला झंडा दिखाकर चर्चाओं में आईं थी। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा था और दो दिनों बाद उनकी बेल हुई थी। घटना के एक महीना बाद तक वह सपा में रहीं, लेकिन सम्मान नहीं मिलने पर वो 17 दिसंबर को लखनऊ में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा से मिलीं और कांग्रेस ज्वॉइन की थी। 03 जनवरी, 2022 को रीता पुलिस में शिकायक की थी कि उनपर किसी ने जानलेवा हमला किया है।
केस दर्ज कर पुलिस ने शुरू की थी जांच
इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। तो वहीं अब पुलिस ने इस मामले बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, रीता यादव ने पुलिस को बताया था कि वो पोस्टर-बैनर बनवाने सुल्तानपुर गईं थी। उसी समय हाइवे पर लंभुआ के पास तीन लोगों ने ओवर टेक करके उनकी गाड़ी को रोका और गाली देते हुए रीता को गोली मार दी। गोली उनके पैर में लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मौका-ए-वारदात से फरार हो गए। घायल अवस्था में रीता यादव को पहले सीएचसी लंभुआ में भर्ती कराया गया। लेकिन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों ने उन्हें सुलतानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया था।
चौंकाने वाले तथ्य आए पुलिस के सामने
इस घटना को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी/ एसपी डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने इसके शीघ्र खुलासे के लिए सीओ लंभुआ सतीश चंद्र शुक्ल को जिम्मेदारी सौंपी थी। सीओ लंभुआ ने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान जो तथ्य सामने आए वो चौंकाने वाले थे। दरअसल, रीता यादव लंभुआ विधानसभा से कांग्रेस के सिम्बल पर चुनाव लड़ना चाहती थीं। अपना राजनीतिक कद बढ़ाने के लिए उसने अपने साथियों के साथ मिलकर ये घटना करवाई। तो वहीं, अब पुलिस ने धर्मेंद्र यादव, महिला रीता यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया और मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल भेज दिया।












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