Australian Open के फाइनल में पहुंचकर 'फिर से जीवित' महसूस कर रहे हैं राफेल नडाल
नई दिल्लीः राफेल नडाल ने अपने छठे ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। महान नडाल ने रॉड लेवर एरिना में सेमीफाइनल में इटली के माटेओ बेरेटिनी को 6-3, 6-2, 3-6, 6-3 से हराया। अगर नडाल रविवार को फाइनल जीतते हैं तो वह 21 ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बन जाएंगे।

राफेल नडाल ने फाइनल में पहुंचने के बाद खुद को "फिर से जीवित" जैसा महसूस कर रहे हैं।
स्पेन के सबसे बड़े लीजेंड टेनिस खिलाड़ी पैर की चोट से जूझने के बाद खुद को निराशा के दलदल में पा रहे थे लेकिन अब चीजें बदल गई है। 35 वर्षीय ने सोचा था शायद वे चोट के बाद अब खेल ही नहीं पाएंगे।
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मेलबर्न में उतरने से पहले नडाल ने अगस्त के बाद से कोई प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट नहीं खेला था। उनके बाएं पैर में एक पुरानी समस्या ने उन्हें विंबलडन, टोक्यो 2020 ओलंपिक और यूएस ओपन से बाहर कर दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि यह इतना खराब हो गया था कि ऐसे दिन थे जब वे केवल 20 मिनट के लिए अभ्यास कर सकते थे।
नडाल ने कहा, "मुझे पता है कि अब मेरे लिए दबाव ज्यादा नहीं है, मुझे कभी विश्वास नहीं था कि मुझे वह मौका मिलेगा जहां मैं आज हूं इसलिए मैं हर एक पल का आनंद ले रहा हूं और निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा हूं।"
नडाल वर्तमान में रोजर फेडरर और नोवाक जोकोविच की तरह 20 ग्रेंड स्लैम हासिल कर चुके हैं। नडाल के नाम 2009 से एक ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब है, लेकिन मेलबर्न में अपने अंतिम चार फाइनल हार चुके हैं। अगर उन्हें रविवार को जीत मिलती है तो वह ओपन एरा के इतिहास में जोकोविच के बाद दो बार हर एक मेजर खिताब को जीतने वाले दूसरे व्यक्ति बन जाएंगे। बता दें कि जोकोविच अपने अक्खड़ रवैये के कारण ऑस्ट्रेलिया से बाहर खदेड़ दिए गए हैं। उन्होंने कोविड वैक्सीज की डोज ना लगवाने को लेकर बचकाना रवैया अपनाया हुआ था जिसके चलते वे ऑस्ट्रेलिया की कोर्ट में भी अपना केस हार गए।












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