एडमिट कार्ड तो आ गया लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने छोड़ा क्लास 10 का बोर्ड एग्जाम, बड़ा कारण आया सामने
Vaibhav Suryavanshi: सबने वो दौर देखा है जब 10वीं का बोर्ड एग्जाम किसी हौवे से कम नहीं लगता था। घर वाले कहते थे कि इस परीक्षा को पास करने के बाद जीवन सेट है। बिहार के 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दुनिया को बता दिया है कि जब जुनून बड़ा हो, तो लाइफ 'सेट' करने के लिए किताबी डिग्रियों की जरूरत नहीं पड़ती।
जी हां, वैभव इस साल अपनी 10वीं की बोर्ड परीक्षा नहीं दे रहे हैं। वजह? क्योंकि वो मैदान पर इतिहास लिख रहे हैं। वैभव सूर्यवंशी इस साल परीक्षा में नहीं बैठ रहे हैं, इसकी पुष्टि को लेकर रिपोर्ट्स सामने आई हैं।

क्या है असली कहानी?
सोचिए, जिस उम्र में बच्चे साइंस और मैथ के फॉर्मूले रटते हैं, उस उम्र में ये लड़का अंडर-19 वर्ल्ड कप में गेंदबाजों के छक्के छुड़ा रहा था। हाल ही में वर्ल्ड कप में उसने इतने छक्के जड़े कि दुनिया देखती रह गई। अब 17 फरवरी से एग्जाम शुरू होने वाले थे, तो वैभव के सामने दो रास्ते थे, या तो डेस्क पर बैठकर पेपर लिखें, या राजस्थान रॉयल्स के कैंप में जाकर IPL की तैयारी करें। वैभव ने मैदान को चुना।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार वैभव के स्कूल (ताजपुर, बिहार) ने एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया था, लेकिन उनके पिता और स्कूल मैनेजमेंट ने मिलकर तय किया कि वैभव का 'असली इम्तिहान' क्रिकेट की पिच पर है। लगातार ट्रेनिंग, कैंप्स और टूर्नामेंट्स की वजह से उन्हें पढ़ाई का मौका ही नहीं मिला। इस वजह से वैभव सूर्यवंशी को इस साल बोर्ड एक्जाम नहीं दिलाने का निर्णय लिया गया।
क्या वैभव ने यह सही किया?
ये खबर सुनकर शायद कुछ लोग कहें कि "पढ़ाई जरूरी है," लेकिन वैभव जैसे टैलेंट के लिए पूरा देश ही एक स्कूल है। वो आज क्लासरूम में नहीं बैठ रहे, क्योंकि उन्हें आने वाले कल में भारत का गौरव बनना है। ये फैसला हिम्मत वाला है, और सबको इस 'वंडर बॉय' की पीठ थपथपानी चाहिए।












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