Wrestling U20 World Championship: देश का नाम रोशन कर स्वदेश लौटीं महिला पहलवान, एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
U20 World Championships: अंतिम पंघाल (Antim Panghal) ने शुक्रवार को लगातार अंडर-20 विश्व खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रच दिया, उन्होंने अपने 53 किग्रा वर्ग में यूक्रेनी प्रतिद्वंद्वी मारिया येफ्रेमोवा को 4-0 से हराकर भारत का मान उंचा किया। फिलहाल, महिला पहलवानों की टीम के साथ पंघाल स्वदेश वापस लौट आईं हैं, इस बीच दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
महिला पहलवान टीम का गर्मजोशी से हुआ स्वागत
दरअसल, U20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में देश को गौरवान्वित करने वाली महिला पहलवान रविवार को घर लौटीं तो दिल्ली हवाई अड्डे पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। वापस लौटने वाले पहलवानों में अंतिम पंघाल भी शामिल थीं, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। इस दौरान उनके साथ टीम के मुख्य कोच महा सिंह भी मौजूद थे।

कुश्ती का पावरहाउस है भारत- कोच
कोच ने एएनआई को बताया कि, 'मैं टीम का मुख्य कोच हूं। टूर्नामेंट अविश्वसनीय था और इसमें दुनिया भर से विश्व स्तरीय पहलवान थे। भारत ने साबित कर दिया कि वह कुश्ती का पावरहाउस है और आने वाले वर्षों में नंबर एक पर होगा। यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर की प्रेरणा और आशीर्वाद के कारण है। हमारी महिला पहलवानों ने सात पदक जीते- तीन स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक।'
महिलाओं के 53 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतने वाली अंतिम पंघाल ने कहा कि फिर से शीर्ष पुरस्कार जीतकर अच्छा लग रहा है, उन्होंने पिछले साल टूर्नामेंट के पिछले संस्करण में भी इसे जीता था। उन्होंने कहा कि, 'अब मैं एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर नजर है।'
जॉर्डन में U20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में इतिहास रचने के बाद पंघाल ने खुशी व्यक्त की और कहा कि वह अपना स्वर्ण पदक अपने माता-पिता और कोच को समर्पित करना चाहती हैं। अंतिम पंघाल ने कहा कि, 'मुझे खुशी है कि मैं U20 विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में दो बार स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हूं। यह कठिन था और अभ्यास के दौरान, हमें अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता था।'
अंतिम पंघाल की जीत पर पिता ने जताई खुशी
बेटी अंतिम पंघाल के जीत पर पिता राम निवास ने खुशी जताते हुए कहा कि, 'उसने जॉर्डन में आयोजित U20 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। उसने यूक्रेन की मारिया को 0-4 से हराया। हम बहुत खुश हैं और सभी खेल प्रेमी इससे खुश हैं। हम कामना करते हैं कि हमारी बेटी 2024 ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीते। हमने बाबा लाल दास अखाड़े में उसके स्वागत की योजना बनाई है।'
ओलिंपिक डॉट कॉम के मुताबिक, इस आयोजन में कुल 30 भारतीय पहलवानों ने हिस्सा लिया। भारत के पास इस बार चैंपियनशिप में 13 पदक हैं, जिनमें चार स्वर्ण, दो रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं।












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