सालों पुराने भारतीय खेल का होगा पहला वर्ल्ड कप, दुनिया भर की 24 टीमों के बीच दिखेगी टक्कर
खो खो फेडरेशन ऑफ इंडिया (केकेएफआई) ने पहली बार आयोजित होने जा रहे खो खो विश्व कप की तारीखों का ऐलान और इसके लोगो का अनावरण किया है। यह पारंपरिक भारतीय खेलों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में उत्साह का माहौल था।
वैश्विक खेल परिदृश्य में प्रवेश करने के लिए तैयार भारत के प्राचीनतम खेलों में से एक खो खो के इस विश्व कप का उद्घाटन संस्करण का आयोजन 13 से 19 जनवरी 2025 के बीच नई दिल्ली में होगा। इस अभूतपूर्व टूर्नामेंट के माध्यम से भारत के प्रिय स्वदेशी खेल को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।

अनावरण समारोह में टीम महाराष्ट्र और शेष भारत के बीच एक शानदार प्रदर्शनी मैच खेला गया। मैच महाराष्ट्र के पक्ष में 26-24 से समाप्त हुआ। इस दौरान रोमांच में बंधे दर्शक अपनी सीटों से चिपके रहे।
इसके बाद विश्व कप के आधिकारिक लोगो और टैगलाइन #TheWorldGoesKho का नाटकीय ढंग से अनावरण किया गया। सैकड़ों युवा महत्वाकांक्षी एथलीटों और स्कूली छात्रों ने अपने खेल के सपनों की सुबह देखी, जिससे माहौल उत्साह से भर गया।
इस प्राचीन भारतीय खेल को वास्तव में अंतरराष्ट्रीय बनाने के लिए, इस टूर्नामेंट में 24 देशों की प्रभावशाली लाइनअप शामिल होगी, जिसमें पुरुष और महिला दोनों टीमें विश्व वर्चस्व के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। चैंपियनशिप संरचना में प्रत्येक डिवीजन में 16 टीमें शामिल हैं, जो खिताब के लिए एक जोरदार जंग करेगी।
माना जाता है कि खो खो 2000 साल से भी पुराना गेम है। मॉडर्न फॉर्म 1914 में आया, जिसमें समय-समय पर नियमों में भी बदलाव देखने को मिला। बर्लिन में 1936 में हुए ओलंपिक गेम्स में अन्य भारतीय खेलों के साथ खो खो का प्रदर्शन किया गया था। जब गांवों में क्रिकेट का इतना क्रेज नहीं था, उस समय मुख्य खेलों में खो खो हुआ करता था। अगले साल वर्ल्ड कप में निश्चित रूप से फैन्स इसे पसंद करेंगे।












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