खेल की जंग का 'राणा' साबित हुआ हरियाणा, कॉमनवेल्थ में भारत के लिए जीते सबसे ज्यादा मेडल
बर्मिंघम, 9 अगस्त: कॉमनवेल्थ खेल भारत के 61 पदकों के साथ समाप्त हो चुके हैं जहां पर भारतीय खिलाड़ियों ने 22 गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की। इसके अलावा 16 सिल्वर मेडल और 23 कांस्य भी आए। एक बार फिर से हरियाणा के खिलाड़ियों का सिक्का मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट में देखने को मिला। हरियाणा भारत का एक छोटा सा ही राज्य है लेकिन जब बात शारीरिक दमखम दिखाने वाले खेलों में आती है तो हरियाणा के खिलाड़ी देश के बाकी राज्यों के खिलाड़ियों की तुलना में बीस ही साबित होते हैं।

हरियाणा के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करने में अपना दबदबा रखते हैं
अगर हम क्रिकेट को छोड़ दें तो एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, रेसलिंग, भाला फेंक जैसे इवेंट में हरियाणा के खिलाड़ी देश का नाम रोशन करने में अपना दबदबा रखते हैं। इस बार कॉमनवेल्थ गेम में गए भारतीय दल में हरियाणा के 43 खिलाड़ी थे और इनमें 17 खिलाड़ियों ने मेडल जीता। हम इससे पहले ओलंपिक खेलों में भी हरियाणा के खिलाड़ियों का जलवा देख चुके हैं। भारत के एथलेटिक्स में एकमात्र ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा भी हरियाणा के ही रहने वाले हैं।

भारतीय पहलवानों ने खूब मेडल बरसाए
रेसलिंग में तो अधिकतर खिलाड़ी हरियाणा से ही होते हैं और इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय पहलवानों ने खूब मेडल बरसाए हैं। इस राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर है जिन्होंने सभी खिलाड़ियों को दमदार प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी हैं और उनको भविष्य में होने वाले इवेंट के लिए भी अपना शुभकामना संदेश भेजा है।
हरियाणा के खिलाड़ियों में कॉमनवेल्थ खेलों में अमित पंघाल और नीतू घंघास ने बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल लिया तो वही रेसलिंग में तो गोल्ड मेडल की बाढ़ ही आ गई क्योंकि साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, दीपक पुनिया, रवि कुमार दहिया, विनेश फोगाट और नवीन कुमार ने गोल्ड मेडल जीता।

ओलंपिक में भी झंडे गाड़ते रहे हैं
साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया, रवि कुमार दहिया ओलंपिक मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। एक और खेल पैरा पावर लिफ्टिंग में सुधीर के हाथ गोल्ड लगा। अंशु मलिक ने कुश्ती में सिल्वर जीता है तो वही पूजा गहलोत, पूजा सिहाग, दीपक नेहरा और मोहित नेहरा ने भी रेसलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है।
पूजा गहलोत तो ब्रोंज मेडल मिलने के बाद रोने लगीं थीं जिनको शांत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद मैसेज करना पड़ा।

महिला हॉकी टीम के भी अधिकतर खिलाड़ी हरियाणा से
हम मुक्केबाजी में सागर अहलावत को सिल्वर मेडल जीतते हुए देखते हैं और जैस्मिन लंबोरिया को कांस्य मेडल लेते हुए पाते हैं। एथलेटिक्स में हम संदीप कुमार को ब्रॉन्ज मेडल हासिल करने के गवाह बनते हैं।
इतना ही नहीं, कांस्य पदक जीतने वाली महिला हॉकी टीम के भी अधिकतर खिलाड़ी हरियाणा से ही खेलते हैं। यह 18 सदस्य महिला हॉकी टीम हरियाणा की 8 खिलाड़ियों से मिलकर बनी है।

हरियाणा के पहलवानों का डंका पूरे विश्व में बज रहा है
ऐसे में यह कोई बहस का विषय नहीं है कि हरियाणा के खिलाड़ी खेलों में तो वाकई में बहुत आगे हैं। कुश्ती से बड़ा शारीरिक दमखम वाला खेल और कोई नहीं है, लेकिन साथ ही यह दांवपेच का भी खेल है और बुद्धि का भी पूरा परीक्षण यहां पर होता है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी कहा है कि हरियाणा के पहलवानों का डंका पूरे विश्व में बज रहा है। यह बात हरियाणा के पहलवानों ने एक बार फिर साबित कर दी है। हरियाणा सरकार की खेल नीति की प्रशंसा देशवासी करते आए हैं क्योंकि यहां पर खिलाड़ियों को बड़ी-बड़ी नौकरियां, मोटी रकम मिलने की परंपरा रही है।

हरियाणा के खिलाड़ियों को मिलेगी मोटी रकम
खेलों को यहां पर आगे बढ़ाया जाता है। हरियाणा में वैसे भी कृषि प्रधान माहौल रहा है जहां खिलाड़ियों को प्राकृतिक माहौल में पलने बढ़ने का मौका थोड़ा ज्यादा मिलता है। खिलाड़ी अपने शारीरिक बल पर अधिक ध्यान देते हैं।
अब कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले हरियाणा के खिलाड़ियों को डेढ़ करोड़ रुपए दिए जाएंगे। सिल्वर मेडल के लिए 75 लाख रुपये और कांस्य पदक के लिए 50 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। तो वहीं कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को ही साढ़े सात लाख मिल जाएंगे।












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