Pooja Singh High Jump: मिस्त्री की बेटी ने भरी ऊंची उड़ान, गद्दे नहीं थे तो घास के ढेर पर की प्रेक्टिस
Pooja Singh records in high jump: पुरानी कहावत है कि हुनर कभी पहचान का मोहताज नहीं होता...और जिसके पास हुनर है वो एक ना एक दिन अपनी मंजिल पा ही लेता है। कुछ ऐसी ही कहानी है एथलीट पूजा सिंह की, जिनसे भारत को एशियन गेम्स 2023 के हाई जंप इवेंट में पदक की उम्मीदें हैं।
टीओआई की खबर के मुताबिक, पूजा सिंह की सफलता की कहानी की शुरुआत हुई करीब पांच साल पहले 2018 में, जब जाने-माने एथलीट कोच बलवान सिंह, सरकार की तरफ से लगाए गए एक योगा कैंप में गए और वहां एक लड़की को चक्रासन करते हुए देखकर उनकी नजरें ठहर गईं। ये लड़की कोई और नहीं, बल्कि पूजा सिंह ही थीं।

पूजा जिस सहजता के साथ चक्रासन कर रहीं थी, उसे देखकर कोई भी योग टीचर खुश हो सकता था, लेकिन बलवान सिंह तो एथलीट कोच थे, उन्होंने पूजा के उस हुनर को पहचाना, जिसे कोई ना पहचान पाया। पूजा की उम्र उस वक्त महज 11 साल थी और वो अपनी पढ़ाई पूरी कर रहीं थी। उनके परिवार में भी किसी का खेलों से कोई लेना-देना नहीं था। चूंकि कैंप में पूजा अपने पिता के साथ गईं थी, इसलिए बलवान सिंह उनके पिता के पास गए और कहा कि वो पूजा को हाई जंप के लिए तैयार करना चाहते हैं। पूजा के पिता तुरंत तैयार हो गए। और, यहीं से शुरू हुई भारत की उस बेटी की कहानी, जो हाई जंप में दुनिया को चुनौती दे रही है।
बलवान सिंह को कोचिंग के लिए पूजा की ट्रेनिंग का सबसे पहला हिस्सा था, 2 फीट की हाईट को जंप करना और उसने इसे आसानी से पार कर लिया। बलवान सिंह ने बताया, 'हाई जंप के लिए पूजा पहले से ही फ्लेक्सिबल थी, क्योंकि वो काफी कठिन योगासन कर चुकी थी। थोड़ी-बहुत कोशिशों के बाद उसने साइड-स्ट्रैडल तकनीक भी सीख ली।' बलवान सिंह को जब भरोसा हो गया, तो उन्होंने पूजा की कंपलीट ट्रेनिंग शुरू कर दी।
जंप के लिए बनाए बांस के खंभे
पूजा के सामने अब एक और चुनौती थी, दरअसल हाई जंप को आर्थिक तौर पर अफोर्ड करना उसके लिए काफी मुश्किल था। बलवान सिंह के पास संसाधन सीमित थे और पूजा के पिता एक राजमिस्त्री का काम कर रोजी-रोटी का इंतजाम करते थे। ऐसे में बलवान सिंह ने एक नई तरकीब निकाली। उन्होंने जंप के लिए बांस के खंभों का इस्तेमाल किया और गद्देदार सतह के लिए घास के ढेर से जंपिंग पिट तैयार किया। कोच बलवान सिंह की कोशिश रंग लाई और पूजा एक के बाद एक मुकाम हासिल करती गईं।। फिलहाल पूजा को एक प्राइवेट कंपनी स्पॉन्सर कर रही है।
यूथ एशियन चैंपियनशिप में जीता गोल्ड
पूजा सिंह ने इस साल की शुरुआत में ही ताशकंद में आयोजित यूथ एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। इसके अलावा साउथ कोरिया में हुई जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर और त्रिनिदाद एवं टोबैगो में हुए यूथ कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। सीनियर इंटर स्टेट चैंपियनशिप में 1.8 मीटर की जंप में गोल्ड मेडल जीतकर उन्होंने एशियाई गेम्स के लिए क्वालीफाई किया है।












Click it and Unblock the Notifications