Fifa World Cup 2022 : पहले मैच के हीरो एनर वेलेंसिया, देखने लायक थी वो पेनल्टी किक
विश्वकप फुटबॉल 2022 के पहले मैच में इक्वाडोर ने मेजबान कतर को 2-0 से हरा दिया। इस मैच के हीरो रहे इक्वाडोर के कप्तान एनर वेलेंसिया। उन्होंने पहले हाफ के 16वें मिनट और 31वें मिनट में दो गोल किये।
FIFA World Cup 2022 Highlights: विश्वकप फुटबॉल 2022 के पहले मैच में इक्वाडोर ने मेजबान कतर को 2-0 से हरा दिया। इस मैच के हीरो रहे इक्वाडोर के कप्तान एनर वेलेंसिया। उन्होंने पहले हाफ के 16वें मिनट और 31वें मिनट में दो गोल किये। सेंटर फॉरवर्ड के रूप में वेलेंसिया ने अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन किया। खेल के तीसरे मिनट में ही उन्होंने एक क्रॉस पास पर जबर्दस्त हेडर से गेंद को गोल में डाल दिया था। लेकिन वीटीआर चेक (क्रिकेट में रेफरल की तरह) में उन्हें मामूली अंतर से ऑफसाइड करार दिया गया जिसकी वजह से वह गोल अमान्य कर दिया गया। वेलेंसिया आठ साल बाद फिर विश्वकप का मैच खेल रहे थे। लेकिन उनकी गति और ड्रिबलिंग स्किल देखने लायक थी। 2014 के विश्व कप में उन्होंने तीन गोल किये थे। 2022 के पहले मैच में उन्होंने 2 गोल किये। इसतरह विश्वकप में उनके पांच गोल हो गये।

देखने लायक थी पेनल्टी किक
16वें मिनट इक्वाडोर को जो पेन्ल्टी मिला था उसकी वजह वेलंसिया ही थे। हाफ लाइन से आगे वेलेंसिया को पास मिला। वे गेंद को तेजी से ड्रिब्लिंग करते आगे बढ़े। वे गोल पोस्ट के मुहाने पर पहुंच गये थे कि कतर के गोलकीपर ने उन्हें फाउल से गिरा दिया गया। रेफरी ने इक्वाडोर को पेनल्टी दी जिस पर वेलेंसिया ने कतर के गोलकीपर को चकमा देकर बड़े इत्मिनान से गोल कर दिया। देखने वाले हैरत में पड़ गये कि भला कोई खिलाड़ी इतनी धीमी गति से भी गेंद को जाल में उलझा सकता है। वे आक्रमण का नेतृत्व कर रहे थे। हर मूव में उनका योगदान था। क्रॉस पास को रिसिव करने के लिए वे हमेशा गोलपोस्ट के पास सक्रिय रहते। इसकी वजह से उन्हें हेडर के जरिये दूसरा गोल करने में कामयाबी मिली। इस प्रदर्शन ने वेलेंसिया को इक्वाडोर का हीरो बना दिया है।
इक्वाडोर की फीफा रैंकिंग 44
इक्वाडोर की मौजूदा वर्ल्ड रैंकिंग 44 है जबकि कतर का 50 है। यानी फीफा के आंकलन में भी इक्वाडोर की टीम कतर से बेहतर है। इक्वाडोर चौथी बार वर्ल्डकप खेल रहा है जब कि कतर पहली बार। इक्वेटर (भूमध्य रेखा) के कारण इस देश का नाम इक्वाडोर पड़ा है। भूमध्यरेखा इक्वाडोर को दो भागों में बांटती है। इक्वाडोर दक्षिण अमेरिका महादेश में अवस्थित है जहां फुटबॉल का स्तर बहुत ऊंचा है। इस महादेश के छोटे-छोटे देश भी फुटबॉल के कारण दुनिया में चर्चित हैं। इक्वाडोर दो बार कोपा अमेरिका कप का सेमीफाइनल खेल चुका है। 2006 के विश्वकप में वह अंतिम 16 तक पहुंचा था। फुटबॉल दक्षिण अमेरिका के लिए केवल एक खेल नहीं बल्कि जिंदगी का अहम हिस्सा है। इस महादेश से उरुग्वे, ब्राजील और अर्जेंटीना विश्वकप जीत चुके हैं। कोलंबिया, पेरू और चिली भी दुनिया की शीर्ष टीमों में शामिल हैं। यानी इक्वाडोर को फुटबॉल, क्षेत्रीय विरासत में मिला है।
गरीबी में बीता बचपन, दूध बेचते थे वेलेंसिया
एनर वेलेंसिया 33 साल के हैं। आज वे अपने देश के लिए नायक हैं। लेकिन इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत संघर्ष किया है। उनका जन्म इक्वाडोर के एसमेराल्डस प्रांत के एक अफ्रीकी-इक्वेडोरियन परिवार में हुआ था। उनका बचपन बहुत गरीबी में बीता। उनके पिता आजीविका के लिए घर-घर जा कर दूध बेचते थे। इस काम में वेलेंसिया भी अपने पिता का हाथ बंटाते थे। लेकिन उन्हें बचपन से फुटबॉल खेलने की ललक थी। जब दूसरे बच्चे खेल रहे होते तो वे भी उसमें शामिल हो जाते। बचपन में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। फिर वे इक्वाडोर के मशहूर क्लब एमलेक पहुंचे। उनकी प्रतिभा देख कर एमलेक क्लब ने उनके मुफ्त प्रशिक्षण देने में मदद की। वेलेंस्की के पास रहने के लिए कोई ठिकाना नहीं था। वे क्लब की निर्माणाधीन भवनों में किसी तरह सोते। घर से कुछ पैसे लाये थे। कभी-कभी इतनी दिक्कत होती के वे खाने का सामान भी नहीं खरीद पाते। लेकिन उन पर किसी भी कीमत में फुटबॉल खेलने का पागलपन सवार था।
तेज गति और शानदार ड्रिब्लिंग
वलेंसिया ने फुटबॉल सीखने के लिए जी तोड़ मेहनत की। 2011 में उनका चुनाव इक्वाडोर की यूथ टीम के लिए हुआ। इस टीम ने पैन अमेरिकन गेम्स में शिरकत की। पहले वे लेफ्ट विंगर के रूप में खेलते थे। लेकिन उनका बायां और दायां पैर समान रूप से चलता था। इसकी वजह से वे बहुत अच्छी ड्रिब्लिंग करते थे। उनकी दौड़ने की गति भी अन्य फुटबॉलरों से अधिक थी। जब गेंद मिलती तो वे कई खिलाड़ियों को छकाते हुए गोली की रफ्तार से आगे बढ़ते। फिर वे सेंटर फॉरवर्ड के रूप में खेलने लगे। 2012 वे उनका चयन राष्ट्रीय टीम के लिए हुआ। इक्वाडोर को होंडुरास से मैत्री मैच खेलना था। इस मैच में उन्होंने अपनी काबिलियत साबित कर दी।
इक्वाडोर के लिए सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी
2014 में उन्हें इंग्लैंड के वेस्ट हैम यूनाइटेड क्लब ने खेलने के लिए अनुबंधित किया। इस करार से फीस के रूप में उन्हें 12 मिलियन पाउंड की मोटी रकम मिली। करोड़ों रुपये की आमदनी से फिर तो उनकी जिंदगी बदल गयी। 2020 में उन्हें तुर्की के फुटबॉल क्लब ने अनुबंधित किया था। वेलेंसिया की बदौलत ही 2021 में इक्वाडोर ने विश्वकप के लिए क्वालिफाई किया था। बोलविया के खिलाफ उन्होंने 2 गोल कर के टीम को इस मुकाम पर पहुंचाया था। वे अपनी टीम की तरफ से सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होने अपनी राष्ट्रीय टीम की तरफ अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 37 गोल किये हैं।












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