'मैंने पापा से कहा था ये ठीक नहीं है', युवराज सिंह ने क्रिकेट के दो दिग्गजों से क्यों मांगी माफी?
Yuvraj Singh Apology to MS Dhoni Kapil Dev: भारतीय क्रिकेट के 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार अपने एक भावुक माफी के लिए चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर एक पॉडकास्ट का टीज़र तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवराज सिंह पूर्व कप्तान एमएस धोनी और कपिल देव से माफी मांगते नजर आ रहे हैं। आइए जानतें हैं आखिर युवराज को अपने ही पिता के व्यवहार के लिए इन दिग्गजों के सामने हाथ क्यों जोड़ने पड़े?
दरअसल, यह पूरा मामला युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के विवादास्पद बयानों से जुड़ा है। योगराज सिंह पिछले कई सालों से एमएस धोनी और कपिल देव के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। उन्होंने धोनी पर युवराज का करियर बर्बाद करने और उन्हें कप्तानी न मिलने देने के आरोप लगाए थे। वहीं, कपिल देव को लेकर उन्होंने यहां तक कह दिया था कि वह उन्हें 'गोली मारना' चाहते थे क्योंकि कपिल ने उन्हें टीम से बाहर किया था।

स्पोर्ट्स तक पर पॉडकास्ट के दौरान जब युवराज से इन कड़वे इंटरव्यूज के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा- 'मैंने पापा से कहा था कि ये ठीक नहीं है।' युवराज की यह माफी उनके पिता द्वारा महान खिलाड़ियों के प्रति किए गए अपमानजनक व्यवहार की भरपाई के तौर पर देखी जा रही है।
योगराज सिंह के बयानों ने युवराज को किया शर्मिंदा
योगराज सिंह अपनी बेबाकी और विवादित दावों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि 1980 के दशक में जब कपिल देव ने उन्हें हरियाणा की टीम से बाहर किया, तो वह इतने गुस्से में थे कि अपनी पिस्टल लेकर कपिल के घर पहुंच गए थे। उन्होंने कहा था, 'मैं उनके सिर में गोली मारना चाहता था, लेकिन उनकी मां सामने खड़ी थीं, इसलिए मैंने ऐसा नहीं किया।'
यही नहीं, एमएस धोनी को लेकर भी योगराज अक्सर कहते रहे हैं कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट को बर्बाद किया और खिलाड़ियों के साथ बुरा व्यवहार किया। युवराज ने हमेशा इन बयानों से दूरी बनाई है और अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर यह साफ कर दिया है कि वह अपने पिता के विचारों से सहमत नहीं हैं।
धोनी और युवराज: मैदान की दोस्ती और बाहर का विवाद
मैदान पर धोनी और युवराज की जोड़ी ने भारत को 2007 और 2011 का विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि, युवराज को कभी लंबे समय तक कप्तानी करने का मौका नहीं मिला, जिसका मलाल उनके पिता को हमेशा रहा। लेकिन युवराज ने इस पॉडकास्ट में यह संकेत दिया है कि पेशेवर रिश्तों और व्यक्तिगत गरिमा के बीच एक लकीर होनी चाहिए, जिसे उनके पिता ने पार किया।
युवराज सिंह का क्रिकेट करियर
युवराज सिंह भारतीय क्रिकेट के उन चंद सितारों में से हैं जिन्होंने अपनी धाकड़ बल्लेबाजी और उपयोगी स्पिन गेंदबाजी से टीम इंडिया को दो विश्व कप जिताने में मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने 304 वनडे मैचों में 36.56 की औसत से 8,701 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 52 अर्धशतक शामिल हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी उनका जलवा बरकरार रहा, जहां उन्होंने 58 मैचों में 136.39 के स्ट्राइक रेट से 1,177 रन जोड़े। युवराज केवल बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी उतने ही खतरनाक थे, उन्होंने वनडे में 111 विकेट और टी20 में 28 विकेट चटकाए, जिससे वे सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक अनिवार्य ऑलराउंडर बन गए।
युवराज सिंह ने अपने करियर में कितने चौके-छक्के लगाए?
टेस्ट क्रिकेट में भी युवराज ने 40 मैचों में 33.93 की औसत से 1,900 रन बनाए और 3 शतक जड़े। आईपीएल (IPL) में उन्होंने 132 मैच खेलते हुए 2,750 रन बनाए और 36 विकेट अपने नाम किए। चंडीगढ़ में जन्मे इस 6 फीट 2 इंच लंबे बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपने करियर में 908 वनडे चौके और 155 छक्के लगाए, जो उनकी आक्रामक खेल शैली को दर्शाते हैं। क्षेत्ररक्षण में मुस्तैदी और दबाव की स्थिति में मैच पलटने की उनकी क्षमता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रभावशाली 'मैच-विनर्स' की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।












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