WTC Final: इंग्लैंड में अपनी कार का जलवा दिखा रहे चेतेश्वर पुजारा की जड्डू ने ली तफरी
भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में खेलने के लिए अभ्यास कर रही है। पुजारा ने इंग्लैंड में कार ली है।

WTC Final: इंग्लैंड के वेस्ट ससेक्स काउंटी में एक क्रिकेट मैदान है जिसका नाम है अरुन्डेल क्रिकेट क्लब। भारतीय क्रिकेट टीम यहीं प्रैक्टिस कर रही है। वेस्ट ससेक्स एक नन मेट्रोपोलिटन काउंटी है। इंग्लैंड में काउंटी एक स्थानीय प्रशासनिक इकाई है जिसका संचालन काउंटी परिषद द्वारा होता है। अरुन्डेल क्रिकेट क्लब ग्राउंड लंदन से करीब 103 किलोमीटर दूर है। यह एक छोटा मैदान है जिसके दर्शकों की क्षमता केवल छह हजार है। इस ग्राउंड पर अभी तक कोई टेस्ट मैच नहीं खेला गया है। भारत इस मैदान पर 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे खेल चुका है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल के पहले भारतीय टीम इंग्लैंड के मौसम से अभ्यस्त होने के लिए अरुन्डेल में अभ्यास कर रही है। फाइनल मैच ओवल के मैदान पर होना है जो लंदन से करीब 7 किलोमीटर दूर है।
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अरुन्डेल क्रिकेट ग्राउंड
गुरुवार को विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा ने अरुन्डेल की धूल भरी पिच पर अभ्यास किया। वैसे तो इंग्लैंड की परम्परागत पिच तेज गेंदबाजों के अनुकूल होती है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि फाइनल मैच के दौरान ओवल में गेंद को कुछ टर्न मिल सकती है। इसलिए कोहली और रोहित ने स्पिन गेंदबाजी पर जम कर अभ्यास किया। कोहली ने गेंद की पिच तक पहुंचने के लिए कई बार स्टेप आउट भी किया। वे गेंद की लंबाई और लाइन को भली भांति पढ़ रहे थे। उन्होंने कुछ शानदार कवर ड्राइव लगाये। लेग ग्लांस का भी अभ्यास किया। आइपीएल में अच्छी बल्लेबाजी की वजह से इस समय कोहली का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। रोहित शर्मा ने बैकफुट पर पर अपने खेल को सुधारने के लिए अभ्यास किया। चेतश्वर पुजारा, शुभमन गिल, अंजिक्य रहाणे ने भी नेट पर अभ्यास किया।
मौसम के हिसाब से गेंदबाज चुने जाएंगे
अगर ओवल के विकेट पर कुछ टर्न मिलने की संभावना होगी तो भारत अश्विन और रवीन्द्र जडेजा के साथ उतर सकता है। लेकिन सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि 7 जून को ओवल में मौसम कैसा रहता है। मौसम के हिसाब से ही गेंदबाजी का स्वरूप तय होगा। चार तेज गेंदबाज और एक स्पिनर खेलेंगे या फिर तीन तेज गेंदबाज और दो स्पिनर खेलेंगे ? अगर 7 जून को आकाश में बादल छाये रहे तो भारत चार तेज गेंदबाजों के साथ खेल सकता है। लेकिन अभी कुछ यकीन से नहीं कहा जा सकता।
इंग्लैंड में अपनी कार से सफर करते हैं पुजारा
अरुंडेल क्रिकेट ग्राउंड पहले ससेक्स का होम ग्राउंड था। मालूम हो कि चेतेश्वर पुजारा ससेक्स की तरफ से ही इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में खेल रहे हैं। पिछले साल इस कांउटी के लिए पुजारा ने 13 पारियों में पांच शतकों की मदद से 1094 रन बनाये थे। इस अच्छे प्रदर्शन का उन्हें 2023 में इनाम मिला और ससेक्स ने उन्हें टीम का कप्तान बना दिया। वे पिछले दो महीने से इंग्लैंड में हैं। चूंकि पुजारा को काउंटी मैच खेलने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है इसलिए उन्होंने अपने लिए एक कार खरीद ली है। जब वे अरुन्डेल क्रिकेट ग्राउंड पर पर टीम इंडिया से जुड़ने के लिए आये तो वे अपनी निजी कार से वहां पहुंचे। यह देख कर रवीन्द्र जडेजा ने मजाक किया। जडेजा के कहने का मतलब था, कहां तो हम लोग टीम बस से आ-जा रहे हैं और कहां आप (पुजारा) अपनी कार में तशरीफ फरमा रहे हैं। चूंकि चेतेश्वर पुजारा और रवीन्द्र जडेजा, दोनों गुजरात के रहने वाले हैं, इसलिए उनमें अच्छी बॉन्डिंग है।
पुजारा के काउंटी खेलने का भारत को मिलेगा फायदा
पुजारा का प्रैक्टिस सेशन भी शानदार रहा। कांउटी चैंपियनशिप में इस साल भी उनका बल्ला खूब चल रहा है। ससेक्स के लिए खेलते हुए सीजन के शुरुआती चार मैचों में उन्होंने तीन शतक ठोक दिये थे। अभी तक वे छह पारियों में 545 रन बना चुके हैं। चूंकि काउंटी चैंपियनशिप लाल गेंद से खेली जाती है, इसलिए पुजारा का यह अनुभव फाइनल में भारत के काम आएगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पुजारा भारतीय बल्लेबाजी का मुख्य स्तंभ होंगे। पिछले दो महीने से काउंटी क्रिकेट खेलने क कारण वे इंग्लैंड की पिचों के मिजाज को अच्छी तरह से समझ गये हैं। भारत के किसी अन्य बल्लेबाज की तुलना में वे इंग्लिश कंडिशन में सबसे अधिक रचे-बसे हुए हैं। सबसे बड़ी बात ये कि पुजारा हमेशा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा खेलते रहे हैं। मौजूदा टीम में वे ऑस्ट्रेलिया खिलाफ सबसे अधिक रन (24 मैच, 2033 रन ) बनाने वाले बल्लेबाज हैं। यहां तक कि विराट कोहली भी उनसे पीछे (24 मैच, 1979 रन) हैं।
रोहित, गिल, पुजारा, कोहली का चलना जरूरी
भारत को अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतनी है तो उसके टॉप चार बल्लेबाजों का चलना जरूरी है। रोहित, गिल, पुजारा और कोहली टिक कर बल्लेबाजी करते हैं तो भारत एक बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता है। शीर्ष क्रम अच्छा प्रदर्शन करता है तो जाहिर है मिडिल ऑर्डर और लोअर मिडिल ऑर्डर भी बड़े योगदान के लिए प्रेरित होगा। पहली पारी में अगर भारत 400 के आसपास रन बना लेता है तो उसके हारने की संभवना नहीं के बराबर रहेगी। वैसे क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है। लेकिन 400 या इससे अधिक रन बनने पर भारत या तो जीत के लिए सोचेगा या फिर मैच ड्रॉ की तरफ जाएगा। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल अगर ड्रॉ होता है तो भारत और ऑस्ट्रलिया संयुक्त विजेता बन जाएंगे। इसलिए भारत को हर हाल में हार से बचना होगा। यह तभी होगी जब बल्लेबाज सम्मानजनक रन बनाएंगे।












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