World Cup Throwback: जब मजबूत भारतीय टीम को बांग्लादेश के नौसिखियों ने हाराया, पहले राउंड में ही बाहर
World Cup Throwback: सौरव गांगुली की कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2003 वर्ल्ड कप में फाइनल तक का सफर तय किया था। लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल मैच में टीम को हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत के खिलाफ फाइनल मैच में एक पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया, जिसे हासिल करने में भारतीय टीम नाकाम रही और मैच हार गई।
2007 में थी जीत की उम्मीद: साल 2003 में फाइनल तक पहुंचने वाली भारतीय टीम से अगले वर्ल्ड कप में खिताब की उम्मीद थी। साल 2007 में भारतीय टीम बेहद मजबूत दिखाई पड़ रही थी। फर्क बस इतना था कि सौरव गांगुली की जगह साल 2007 में राहुल द्रविड़ वर्ल्ड कप टीम की कप्तानी कर रहे थे। लेकिन टीम में कई ऐसे खिलाड़ी मौजूद थे, जिससे भारत का फाइनल तक पहुंचना एक बार फिर तय माना जा रहा था।

बल्लेबाजों का फ्लॉप प्रदर्शन: भारत और बांग्लादेश के बीच पहले राउंड का मुकाबला खेला गया। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत के लिए सौरव गांगुली और वीरेंद्र सहवाग ओपनिंग करने आए। सहवाग इस मैच में सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं सौरव गांगुली के बल्ले से 66 रन निकले। सचिन तेंदुलकर 7, रोबिन उथप्पा 9 रन और राहुल द्रविड़ 14 रन बनाकर आउट हो गए।
भारत को मिली शर्मनाक हार: युवराज सिंह ने 58 गेंदों का सामना करते हुए 3 चौकों और एक छक्के की मदद से 47 रन बनाने में कामयाबी हासिल की। धोनी 3 गेंदों का सामना करते हुए जीरो पर पवेलियन लौट गए। जबकि हरभजन सिंह और अजीत अगरकर अपना खाता भी नहीं खोल सके। 49.3 ओवरों में भारत की पूरी टीम सिर्फ 191 रन पर ऑल आउट हो गई।
बांग्लादेश के नौसिखियों का कमाल: बांग्लादेश ने आसानी के साथ 48.3 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। तमीम इकबाल, मुशफिकुर रहीम और शाकिब अल हसन ने अर्धशतक लगाकर भारत की वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीदों को करारा झटका दिया। भारतीय अनुभवी टीम के सामने बांग्लादेश के कई नए प्लेयर्स इस मुकाबले में खेल रहे थे। बांग्लादेश के नौसिखियां खिलाड़ी भारतीय दिग्गजों पर भारी पड़ गए।












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