श्रीलंका के खिलाफ उस हार ने विनोद कांबली को रुला दिया, जानें खिलाड़ियों पर क्यों फूटा था दर्शकों का गुस्सा?
ICC ODI World Cup 2023: भारत की मेजबानी में होने जा रहे आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप इंतजार जल्द ही खत्म होने जा रहा है। टूर्नामेंट का आयोजन 5 अक्टूबर से होने जा रहा है, जिसका फाइनल 19 नवंबर को खेला जाएगा। भारत में इससे पहले 2011 में आखिरी एकदिवसीय विश्व कप आयोजित किया गया था, और अब 12 साल के इंतजार के बाद एक बार फिर ये खास मौका मिलने जा रहा है। इस महामुकाबले से पहले आपको 1996 विश्व कप सेमीफाइनल के सफर पर ले चलते हैं।
क्रिकेट प्रेमी भूलकर भी याद नहीं करना चाहते वो पल
क्रिकेट प्रेमियों के लिए वैसे तो टीम इंडिया का हर मुकाबला यादगार होता है, लेकिन 1996 के वर्ल्ड कप में जो कुछ हुआ उसे कोई भी फैंस याद नहीं करना चाहता। 13 मार्च 1996 को भारत और श्रीलंका के बीच कोलकाता में वर्ल्ड कप का सेमीफाइलन मैच खेला गया था। इस मुकाबले में टीम इंडिया को हारते देख फैंस का गुस्सा इतना बढ़ गया था कि उन्होंने स्टैंड में आग तक लगा दी थी।

ईडन गार्डन्स में हुआ था श्रीलंका और भारत का मुकाबला
दरअसल, श्रीलंका और भारत के बीच ये मुकाबला ईडन गार्डन्स स्टेडियम (eden gardens stadium) में खेला गया था। मुकाबले से पहले फैंस का उत्साह चरम पर था। फैंस को पूरी उम्मीद थी की भारतीय खिलाड़ियों के बल्ले से विस्फोट पारी देखने को मिलेगी, लेकिन फैंस गलत साबित हुए।
वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने श्रीलंका के खिलाफ टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का विकल्प चुना, जोकि कुछ हद तक सही भी साबित हुआ। श्रीलंकाई टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट गंवाकर 251 रन बना सकी। श्रीलंका के खिलाड़ियों में अरविंद डिसिल्वा ने 47 गेंदों में 66 रन की शानदार पारी खेली, जबकि रोशन महानामा (58) दूसरे सबसे अधिक स्कोर करने वाले खिलाड़ी थे।
लक्ष्य का पीछा करते उतरी टीम इंडिया ने 8 रन के स्कोर पर ही पहला विकेट नवजोत सिद्धू के रूप में खो दिया, लेकिन सचिन तेंदुलकर अच्छी फॉर्म में दिख रहे थे और उन्होंने संजय मांजरेकर के साथ मिलकर भारत को 100 के करीब पहुंचाया और 65 के स्कोर पर जयसूर्या के हाथों स्टंप हो गए। यह एक बड़ा विकेट था और दोनों टीमें इस विकेट के महत्व को जानती थीं।
अब टीम को 166 गेंदों में जीत के लिए 154 रन की जरूरत थी और उनके हाथ में अभी भी आठ विकेट मौजूद थे। उस समय भारत के पास जिस तरह के खिलाड़ी थे, ऐसे में ये लक्ष्य कोई बड़ा नहीं था। लेकिन, शायद किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इससे पहले कि कोई समझ पाता भारत मात्र 22 रन पर सात विकेट खोकर 120/8 पर सिमट गया।
श्रीलंका के खिलाब जब बेबस हुए भारतीय खिलाड़ी
इस दौरान अजहरुद्दीन (0), श्रीनाथ (6), अजय जड़ेजा (0), नयन मोंगिया (1) और आशीष कपूर (0) एक के बाद एक सभी वापस पवेलियन लौटते रहे। इस बीच फिर एक पल ऐला आया, जब भारत को जीत के लिए 131 रन चाहिए थे और 15.5 ओवर में दो विकेट बाकी थे और विनोद कांबली (10*) और कुंबले (0*) क्रीज पर मौजूद थे।
जयसूर्या ने अपनी घातक गेंदबाजी के दम पर तेंदुलकर, मांजरेकर और जड़ेजा को पहले ही आउट कर दिया था। इस समय ऐसी स्थिति थी कि कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि क्या किया जाए। हर गेंद के साथ टीम इंडिया बुरी हार की ओर बढ़ रही थी।
जब भीड़ होने लगी थी बेचैन
वहीं दूसरी ओर ईडन गार्डन्स की भीड़ बेचैन हो रही थी और आठवें विकेट के गिरते ही फैंस की ओर से बोतलें, डिब्बे, प्लास्टिक की थैलियां पिच की ओर फेंकी जा रही थीं। श्रीलंका के कप्तान रणतुंगा ने इसे अंपायर के ध्यान में लाया और खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरने से इनकार कर दिया।
भारत के खिलाफ इस तरह श्रीलंका को मिली जीत
इसके अलावा क्राउड के एक ग्रुप ने कुछ कागजात जला दिए और स्टैंड में चीजें जलाई जा रही थीं। इस बीच मैच रेफरी क्लाइव लॉयल मैदान पर आए और उन्होंने 15 मिनट तक खेल रोक दिया, लेकिन इसके बाद भी क्राउड का हंगामा जारी रहा।
इसके बाद मैच रेफरी ने श्रीलंका को विजेता घोषित कर दिया और भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह एक कभी न याद किए जाने वाला मैच साबित हुआ। और फिर फाइनल में डी सिल्वा की बदौलत श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 7 विकेट से हराकर खिताब भी जीत लिया।
भारत की हार के बाद विनोद कांबली रोते नजर आए
श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के बाद भारतीय खेमे में मायूसी छा गई। वहीं श्रीलंकाई खेमा फाइनल में पहुंचने की खुशी का जश्न मना रहा था। वहीं दूसरी ओर 10 रन पर नाबाद रहे विनोद कांबली के सामने पूरा परिणाम बदल गया और वह कुछ भी नहीं कर सके, भारत को विश्व कप से बाहर होता देख वह अपने आंसू नहीं छिपा सके और रोने लगे, और सिर्फ कांबली ही क्यों अन्य खिलाड़ियों के आंसू नहीं दिखे नहीं तो उस मैच में खिलाड़ियों के साथ फैंस भी बहुत उदास थे।












Click it and Unblock the Notifications