मुकेश चौधरी क्यों बनाए गए टीम इंडिया के ‘नेट बॉलर’ ?
मुकेश चौधरी को टी-20 विश्वकप के लिए नेट बॉलर क्यों बनाया गया ? इसकी वजह है उनका बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होना। भारत का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान से है। शाहीन आफरीदी तरोताजा हो कर टीम में लौट चुके हैं।
Mukesh Choudhary join WT20 squad as indian net bowler: मुकेश चौधरी को टी-20 विश्वकप के लिए नेट बॉलर क्यों बनाया गया ? इसकी वजह है उनका बाएं हाथ का तेज गेंदबाज होना। भारत का पहला मैच 23 अक्टूबर को पाकिस्तान से है। शाहीन आफरीदी तरोताजा हो कर टीम में लौट चुके हैं। चूंकि वे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं इसलिए भारत लेफ्टआर्म सीमर पर अधिक से अधिक अभ्यास कर लेना चाहता है। टी-20 फॉरमेट में बाएं हाथ के तेज गेंदबाज को बहुत खतरनाक माना जाता है। टेस्ट मैच में आप ऐसे गेंदबाज को रक्षात्मक तरीके से खेल सकते हैं। लेकिन 20 ओवर के मैच में आप बहुत ज्यादा डॉट गेंद नहीं खेल सकते।

अपनी कमजोरियों को दूर करना चाहता है भारत
चूंकि पहले पावर प्ले में फील्डिंग रिसट्रिक्शन का फायदा उठाने के लिए बड़े शॉट्स खेलना जरूरी है। इसलिए भारत बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के खिलाफ अपनी कमजोरियों को दूर कर लेना चाहता है। इतना ही नहीं मुकेश के अलावा जिस दूसरे तेज गेंदबाज (चेतन सकारिया) को नेट बॉलिंग के लिए ऑस्ट्रेलिया ले जाया गया है वे भी बाएं हाथ के ही बॉलर हैं। टीम इंडिया के बल्लेबाज पर्थ में इनकी गेंदों पर अभ्यास शुरू कर चुके हैं।

नेट बॉलर से बने चेन्नई के स्टार
मुकेश चौधरी के लिए ‘नेट बॉलिंग' भाग्यशाली साबित हुई है। उन्होंने 2017 में महाराष्ट्र की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया था। वैसे वे राजस्थान के भीलवाड़ा के रहने वाले हैं। सब कुछ साधारण तरीके से चल रहा था। एक दिन उन्हें चेन्नई सुपर किंग्स की तरफ से फोन आया, क्या नेट बॉलिंग के लिए टीम से जुड़ना चाहेंगे ? मुकेश ने हां कर दी। वे सीएसके के लिए नेट बॉलिंग करने लगे। बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज से महेन्द्र सिंह धोनी बहुत प्रभावित हुए। धोनी मुकेश पर निगाह रखने लगे। 2022 में जब खिलाड़ियों की नीलामी होने लगी तो मुकेश चौधरी ने भी अपनी किस्मत आजमायी। चेन्नई को बाएं हाथ का एक तेज गेंदबाज चाहिए था और वे मुकेश की क्षमता से वाकिफ थे। इसलिए नीलामी मे उसने मुकेश को 20 लाख की बेस प्राइस पर खरीद लिया। इसके बाद तो मुकेश चौधरी की किस्मत ही खुल गयी।

धोनी की सरपरस्ती में निखरी गेंदबाजी
धोनी की सरपरस्ती में मुकेश चौधरी की गेंदबाजी और निखर गयी। आइपीएल 2022 उनका डेब्यू सीजन था लेकिन वे धोनी के सबसे भरोसेमंद बन गये। उन्होंने रफ्तार और स्विंग का कमाल दिखाया और कई मैच विनिंग स्पैल किये। आइपीएल के पहले दो मैचों में तो उन्हें कोई विकेट नहीं मिली लेकिन इसके बाद उन्होंने रंग जमाया। मुम्बई को खास निशान बनाया। एक बार चार ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट लिये तो दूसरी बार चार ओवर में 19 रन दे कर 3 विकेट लिये। सनराइजर्स के खिलाफ उन्होंने चार ओवर में 46 रन देकर 4 विकेट लिये थे। उन्होंने 13 मैच खेल कर कुल 16 विकेट लिये थे। आइपीएल 2022 ही वह मंच था जहां मुकेश चौधरी ने अपनी प्रतिभा से सबको प्रभावित किया था। तब धोनी ने मुकेश चौधरी के बारे में कहा था, अगर कोई गेंदबाज पहले ही सीजन में ऐसी गेंदबाजी करे तो उसकी प्रतिभा में किसी को संदेह नहीं होना चाहिए। अगले साल वे हमारे लिए प्रमुख गेंदबाज होंगे।

“आपके पास सब कुछ है, भरोसा रखो”
जब मुकेश को आइपीएल के पहले दो मैचों में विकेट नहीं मिले तो वे बहुत निराश हो गये थे। तब धोनी ने उनका समझाया था, आपके पास सब कुछ है जो एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज में होने चाहिए। बस, खुद पर भरोसा रखो। यही खेल का हिस्सा है। मेहनत करते रहो। कामयाबी जरूर मिलेगी। धोनी की इस सीख को मुकेश अपने जीवन का गुरुमंत्र मानते हैं। जरूरत पड़ने पर धोनी ने मुकेश को डांट भी लगायी। चेन्नई बनाम हैदराबाद के मैच था। हैदराबाद को अंतिम ओवर में जीत के लिए 38 रन बनाने थे। स्ट्राइक पर निकोलस पूरन थे। दोनी ने बड़े भरोसे से गेंद मुकेश को थमाई। लेकिन पहली दो गेंदों पर पूरन ने 10 बना दिये। इसके बाद उन्होंने चौथी गेंद वाइड फेंक दी। यह देख कर धोनी नाराज हो गये और मुकेश को बीच मैदान पर ही डांटने लगे। मुकेश ने इस ओवर में 24 रन दिये थे। बाद में धोनी शांत हुए तो उन्होंने मुकेश से कहा था, गलती एक स्वभाविक बात है लेकिन उससे भविष्य के लिए सीख जरूर लेनी चाहिए। आज वे विश्वकप की तैयारी में जुटी टीम इंडिया के लिए ‘नेट बॉलर' बन चुके हैं।












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