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बिना हेलमेट फील्डिंग करना पड़ा भारी और गई जान, किस भारतीय क्रिकेटर की बांग्लादेश में हुई थी मौत?

Raman Lamba: क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड्स और जीत की गूंज तो अक्सर सुनाई देती है, लेकिन खेल के इतिहास में कुछ ऐसी दुखद घटनाएं भी दर्ज हैं जिन्हें याद कर आज भी क्रिकेट प्रेमियों की आँखें नम हो जाती हैं। ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना बांग्लादेश की धरती पर हुई थी, जहां भारत के एक उभरते सितारे ने अपनी जान गंवा दी थी।

क्या आप जानते हैं कि वह भारतीय क्रिकेटर कौन था और उस दिन मैदान पर असल में क्या हुआ था? यह एक ऐसी घटना है, जिसके बारे में आज की युवा पीढ़ी को शायद पता नहीं होगा लेकिन घटना बेहद दुखद थी।

raman lamba ai representation
Photo Credit: रमन लांबा की दुखद घटना को दर्शाने के लिए AI द्वारा निर्मित एक प्रतीकात्मक चित्र

यह कहानी है रमन लांबा (Raman Lamba) की, जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और निडर फील्डिंग के लिए मशहूर थे। 20 फरवरी 1998 को ढाका के बंगबंधु स्टेडियम में एक प्रीमियर डिविजन क्रिकेट मैच खेल रहे थे। वह ढाका के एक क्लब से खेलने गए थे। रमन लांबा 'शॉर्ट लेग' पर फील्डिंग कर रहे थे, यह वह जगह होती है जहाँ फील्डर बल्लेबाज के बेहद करीब खड़ा होता है। उस वक्त लांबा ने हेलमेट नहीं पहना था, और शायद यही उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुई।

एक शॉट और सब कुछ खत्म

मैच के दौरान बांग्लादेशी बल्लेबाज मेहराब हुसैन ने एक जोरदार पुल शॉट खेला। गेंद सीधे रमन लांबा के सिर के किनारे (कनपटी) पर जा लगी। चोट इतनी जबरदस्त थी कि गेंद लगकर विकेटकीपर के पास चली गई। शुरुआत में लांबा को लगा कि वह ठीक हैं और वह खुद चलकर मैदान से बाहर गए। लेकिन ड्रेसिंग रूम पहुँचते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

3 दिन तक मौत से जंग

अस्पताल में पता चला कि उनके दिमाग में काफी ज्यादा रक्तस्राव (Internal Hemorrhage) हुआ था। दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बुलाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। 3 दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत से जूझने के बाद, 23 फरवरी 1998 को रमन लांबा ने 38 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। इस खबर ने पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया था।

बदल गया क्रिकेट का नियम

रमन लांबा की इस दुखद मौत के बाद ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा नियमों को लेकर कड़े कदम उठाए गए। शॉर्ट लेग या सिली पॉइंट जैसे करीबी स्थानों पर फील्डिंग करने वाले खिलाड़ियों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने की मांग उठी। आज जब हम खिलाड़ियों को पूरी सुरक्षा किट के साथ देखते हैं, तो रमन लांबा की वो कमी खलती है जिसने दुनिया को सुरक्षा का महत्व सिखाया।

भारत के लिए 4 टेस्ट और 32 वनडे खेलने वाले इस खिलाड़ी का जाना आज भी भारतीय क्रिकेट के सबसे काले अध्यायों में से एक माना जाता है। टेस्ट में उन्होंने 102 रन बनाए, वनडे में एक शतक की मदद से 783 रन बनाए।

क्या आप जानते हैं? (Did You Know?)

रमन लांबा सिर्फ अपनी फील्डिंग ही नहीं, बल्कि अपनी तूफानी बल्लेबाजी के लिए भी मशहूर थे। उन्होंने साल 1986 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले ही वनडे टूर्नामेंट (डेब्यू सीरीज) में 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब जीतकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था।

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