कोलकाता टेस्ट की पिच पर क्या होगा ICC का फैसला? ईडन गार्डंस के भविष्य पर मंडराया खतरा!
IND vs SA: कोलकाता में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खत्म हुए टेस्ट मैच की पिच को लेकर काफी विवाद देखने को मिला है। यह कुछ ऐसी विकेट थी, जिसके ऊपर बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए। गेंदबाजों ने ही पूरी महफ़िल लूट ली और भारत को हार का सामना करना पड़ा, मुकाबला ढ़ाई दिन में समाप्त हो गया।
अब यह देखना होगा कि आईसीसी की तरफ से पिच को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, हर किसी की नजरें इसी तरफ है। अगर पिच को निचली रेटिंग मिलती है, तो स्टेडियम की बदनामी होगी और बीसीसीआई को भी कटघरे में खड़ा किया जाएगा। विकेट को 'पूअर' रेटिंग मिल सकती है।

क्यों मिल सकती है 'पूअर' रेटिंग?
कम दिनों का मैच: मैच का इतने कम समय में (ढ़ाई दिन) समाप्त हो जाना, इस बात का स्पष्ट संकेत है कि पिच खेल की गुणवत्ता के लिए उचित नहीं थी। दोनों पारियों में कोई भी टीम 200 रन तक नहीं पहुंच पाई।
शुरुआत से ही अत्यधिक स्पिन/सीम मूवमेंट: पिच ने खेल के पहले दिन से ही स्पिनरों और सीम गेंदबाजों दोनों को असाधारण मदद दी, जिससे बल्लेबाजी करना लगभग असंभव हो गया। बल्लेबाज यह समझने में भी विफल थे कि अगली गेंद पर क्या होने वाला है।
'पूअर' रेटिंग और 3 डिमेरिट अंकों का मतलब क्या है?
यदि मैच रेफरी ईडन गार्डन्स को 'पूअर' रेटिंग देते हैं, तो वेन्यू को तुरंत 3 डिमेरिट अंक मिलेंगे। ये डिमेरिट अंक अगले 5 वर्षों तक वेन्यू के रिकॉर्ड में सक्रिय रहेंगे। यह एक सख्त चेतावनी है कि पिच की गुणवत्ता में सुधार आवश्यक है। आईसीसी के नियमों के अनुसार, यदि कोई वेन्यू 5 साल की अवधि में कुल 6 या उससे अधिक डिमेरिट अंक जमा कर लेता है, तो उसे 12 महीने (एक साल) के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की मेज़बानी से निलंबित कर दिया जाता है। साल 2023 में इंदौर के होल्कर स्टेडियम में भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट की पिच को 'पूअर' रेटिंग मिली थी।
अब आगे क्या होने वाला है?
अब सारा दारोमदार मैच रेफरी की रिपोर्ट पर है। अगर खराब रेटिंग आती है, तो BCCI को फैसले का जवाब देना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि भविष्य में पिचें बल्ले और गेंद के बीच उचित मुकाबला प्रदान करें, न कि केवल एकतरफा मैच का प्लेटफॉर्म बनें।












Click it and Unblock the Notifications